ट्रंप ने किया नए एयर फोर्स वन का अनावरण, बदल गया रंग और डिजाइन, कतर से मिला विमान

मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को नए एयर फोर्स वन विमान का अनावरण किया। यह पहले कतर के स्वामित्व वाला विशाल विमान था और अब इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में रूपांतरित किया गया है।

 

नए विमान में क्या खास है?
नए विमान में पुराने एयर फोर्स वन की हल्के नीले रंग वाली पारंपरिक डिजाइन को हटाकर नया लुक दिया गया है। इसके निचले हिस्से को नेवी ब्लू रंग में रंगा गया है, जिसके ऊपर लाल पट्टी बनाई गई है। विमान के बाएं हिस्से पर राष्ट्रपति का प्रतीक चिन्ह लगाया गया है। जबकि पीछे के हिस्से पर बड़ा अमेरिकी ध्वज बना है।

 

ट्रंप ने क्या कहा?
एंड्रयूज एयर फोर्स बेस के हैंगर में मौजूद वायुसेना कर्मियों के सामने ट्रंप ने विमान की कारीगरी की सराहना की और कहा कि इसे देखकर लोग हैरान रह जाएंगे। विमान से उतरने के बाद उन्होंने इसे औपचारिक रूप से प्रदर्शित किया, इस दौरान ‘गॉड ब्लेस द यूएसए’ गीत भी बजाया गया।

यह कतर से मिला विमान अस्थायी रूप से उपयोग में लाया जा रहा है, जब तक बोइंग राष्ट्रपति के लिए नए विमान तैयार नहीं कर देता, जिनके 2028 तक आने की संभावना है।

अमेरिकी प्रशासन ने पिछले वर्ष कतर से एक लग्जरी बोइंग 747 विमान स्वीकार किया था, जिसे राष्ट्रपति विमान के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि, इस पर विदेशी देश से महंगे उपहार लेने को लेकर नैतिकता और कानूनी सवाल भी उठे थे।

 

400 मिलियन डॉलर से कम खर्च का अनुमान
ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद इस विमान का उपयोग नहीं करेंगे और इसे भविष्य की राष्ट्रपति लाइब्रेरी को दान कर दिया जाएगा। वायुसेना के अनुसार इस विमान को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने पर 400 मिलियन डॉलर से कम खर्च आने का अनुमान है।

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ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति विमान के रंग और डिजाइन में बदलाव की पहल की थी, जिसमें उन्होंने अपने निजी विमान जैसी रंग योजना अपनाने का निर्देश दिया था। हालांकि, मार्च 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बदलाव को यह कहते हुए रोक दिया था कि गहरे रंग से लागत बढ़ सकती है और डिलीवरी में देरी हो सकती है। लेकिन ट्रंप की वापसी के बाद यह योजना फिर लागू कर दी गई।

वायुसेना ने बताया कि मौजूदा दो राष्ट्रपति विमान सेवा से बाहर नहीं किए जाएंगे और नए बोइंग विमानों के आने तक बेड़े में बने रहेंगे। कतर का विमान और पुराने दोनों विमान उपलब्ध रहेंगे तथा मिशन की जरूरत के अनुसार तय किया जाएगा कि किसका उपयोग किया जाएगा।

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