उत्तराखंड में स्व-गणना का आज आखिरी दिन, कल से गणना के लिए घर-घर जाएगी प्रगणकों की टीम

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प्रदेश में चल रही डिजिटल मकान स्व-गणना का शुक्रवार को आखिरी दिन है। इसके बाद शनिवार से प्रगणक घर-घर जाएंगे। इसके लिए निदेशालय जनगणना ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

निदेशालय की ओर से प्रदेश में 10 अप्रैल से डिजिटल भवन स्व-गणना शुरू की गई थी। खबर लिखे जाने तक प्रदेश में 56 हजार लोग घर बैठे स्व-गणना कर चुके हैं। इन्हें सबको एसई आईडी जारी हो चुकी है। इनमें अल्मोड़ा में 4294, बागेश्वर में 3839, चमोली में 2510, चंपावत में 3200, देहरादून में 9627, पौड़ी में 2895, हरिद्वार में 6410, नैनीताल में 8255, पिथौरागढ़ में 2963, रुद्रप्रयाग में 1330, टिहरी में 2570, ऊधमसिंह नगर में 5471 और उत्तरकाशी में 2653 स्व-गणना शामिल हैं। डिजिटल स्व-गणना का शुक्रवार को आखिरी दिन है।

पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहे घर-घर मकान सूचीकरण व मकान गणना में 4491 सुपरवाइजर, 26,348 प्रगणक मिलाकर कुल 30,839 की टीम लगाई गई है। ये 24 मई तक ये घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व मकान गणना का काम करेंगे। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जो लोग अपनी भवन स्व-गणना डिजिटल माध्यम से कर चुके हैं, उनके घर भी प्रगणक पहुंचेंगे।

प्रगणक उनसे एसई आईडी लेंगे। इसे अपने सिस्टम में चेक करेंगे और सवालों के जवाब को मौके पर ही वेरिफाई करने के बाद अंतिम रूप से डाटा फीड कर देंगे। जिन लोगों ने स्व-गणना नहीं की होगी, उन्हें 33 सवालों का जवाब देना होगा। इसके बाद उनकी भवन गणना पूरी हो पाएगी।

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