जिस नीर झरने की खूबसूरती देखने देश-विदेश से पर्यटक खिंचे चले आते हैं, उसे सरकारी सिस्टम ने कागजों (वेबसाइट) में भुला दिया है। एनआईसी टिहरी की साइट पर झरने (नीर वाटरफॉल) का नाम न होने से स्थानीय लोगों का पारा चढ़ गया है। ग्रामीणों के विरोध के बीच अब विभाग अपनी इस भूल को सुधारने की बात कह रहा है।








