यूपी के रामपुर जिले में महिला सिपाही लता और दो साल के बेटे लड्डू को मौत के घाट उतारने के लिए पति दान सिंह को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने शातिराना पटकथा तैयार की थी। बचने की कोई गुंजाइश न रहे इसके लिए नैनीताल से रामपुर तक के सफर में उसने कई बार अपनी साजिश बदली।
हादसे से कार में आग के कारण मौत की बात कहने वाले दान सिंह का कुबूलनामा सामने आने के बाद पुलिस भी मान रही है कि पूरी साजिश में आरोपी का रवैया पेशेवर अपराधियों जैसा है। साजिश की शुरुआत नई कार के बहाने परिवार को नैनीताल घुमाने की कहानी से हुई।
वहां से लौटते समय जैसे-जैसे कार आगे बढ़ी, वैसे-वैसे साजिश की स्क्रिप्ट के पेज भी आगे बढ़ते गए। बाजपुर में कार रोककर पत्नी लता और बेटे लड्डू को नशे की गोलियां मिलाकर कोल्ड ड्रिंक पिलाया। उनके बेहोशी में आने पर कार को पास से गुजरते डंपर से छुआते हुए निकाला, जिससे दुर्घटना का दृश्य बन जाए।
साजिश की किताब के अगले हिस्से में दान सिंह के पहले से तय हुए दो साथी प्रदीप और सलमान पेट्रोल लेकर एक अन्य कार में मौजूद थे। दान सिंह ने कार की डंपर से टक्कर बताने के साथ कार सवार साथियों का लाया पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
दान सिंह की कार आग में घिरी तो लपटों में घिरा लड्डू तो हमेशा के लिए सो गया लेकिन तपिश से लता को चेतना आई तो वह कार से निकल बाहर भागी। नशे का असर होने से लड़खड़ाती लता सड़क किनारे गड्ढे में गिरी, जिसमें पानी भरा था।
यहां मौत की साजिश का एक और अध्याय शुरू हुआ। उसी पानी में मुंह डुबोकर लता को मारने का प्रयास किया। इस बीच कार की आग देख राहगीर रुकने लगे तो फौरन प्लान बदल दिया। साथियों की कार से लता को इलाज के बहाने ले भागा और कार में पहले से रखा हथौड़ा सिर में मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
बाद में अस्पताल में पछाड़ खाकर रोने-चीखने का ऐसा रूप धरा कि उस वक्त हर कोई उसे बेचारा मान बैठा। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दान सिंह के बयानों में जैसे-जैसे साजिश-दर-साजिश के राज सामने आए तो अंदाजा लगा कि वह कितना बड़ा शातिर है। उस समेत साजिश में शामिल उसके दो साथी गिरफ्तार कर लिए हैं। अन्य दो की तलाश की जा रही है।
पति ने साथियों के साथ मिलकर की थी महिला सिपाही और बेटे की हत्या
यूपी के रामपुर जिले में महिला सिपाही और उसके मासूम बेटे की मौत हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। कार में ही सवार महिला सिपाही के पति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे मार डाला था। आरोपी ने पत्नी को मारने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी। उसने नैनीताल से आते समय बाजपुर में ही पत्नी और बेटे को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी थीं। इसके बाद काशीपुर रोड पर कार में एक डंपर से हल्की टक्कर लगाई और दो दोस्तों से पेट्रोल मंगवाकर कार में आग लगा दी थी।
गंज कोतवाली इलाके में काशीपुर गांव के पास 25 फरवरी की रात हुई इस घटना में खुलासे के बाद हर कोई हैरान है। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए महिला सिपाही के पति और उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो साथी भागे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे पत्नी की मौत के बाद मिलने वाली डेढ़ करोड़ रुपये की सरकारी मदद को हड़पना था।
आरोपी और लता ने की थी लव मैरिज
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि सीतापुर निवासी लता ने वर्ष 2021 में मिलक के ग्राम बेहटरा निवासी दान सिंह के साथ लव मैरिज की थी। शादी के बाद से लता सीतापुर में रहने के लिए दान सिंह पर दबाव डाल रही थी। जिस पर उसने लता और बेटे लड्डू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने अपने इस प्लान में रवि के अलावा नूरहसन, प्रदीप कुमार और अब्दुल करीम को शामिल किया।

इसके बाद दान सिंह व रवि कार से कूद गए। कुछ देर में ही कार जलने लगी। आग लगने के कारण लता होश में आ गई और कार से बाहर निकली तो बाहर एक पानी भरे गड्ढे में गिर गई। वहां भी दान सिंह ने उसका मुंह पानी में डुबाने की कोशिश की। इस दौरान लड्डू कार के अंदर ही जल गया।
एसपी ने बताया कि दान सिंह की लता के साथ दूसरी शादी थी। इससे पहले उसकी शादी शाहबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पसतौर निवासी रजनी के साथ हुई थी। वर्ष 2015 में ग्राम रौरा कला में हुए सड़क हादसे में रजनी की मौत हो गई थी।








