उत्तर प्रदेश में पिछले चार साल में करोड़पतियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़कर दोगुनी हो गई है। मर्सिडीज-बेंज एवं हुरुन रिसर्च के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि करोड़पति धन्नासेठों के मामले में यूपी देश का छठा राज्य है, जहां 57,700 अमीर रहते हैं। इन धन्नासेठों के पास न्यूनतम 10 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
यूपी की जीएसडीपी 10 लाख करोड़ बढ़ी
चार साल में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी भी 16 लाख करोड़ से बढ़कर 26 लाख करोड़ पहुंच गई है। यूपी और कर्नाटक प्रमुख आर्थिक महाशक्तियों के रूप में उभरे हैं, जिनमें से प्रत्येक का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 25 लाख करोड़ से ज्यादा है। यह रकम चिली या चेक गणराज्य जैसे देशों की अर्थव्यवस्था के बराबर है।
तेलंगाना की रफ्तार सबसे तेज, यूपी चौथे नंबर पर
आर्थिक संपन्नता के मामले में तेलंगाना सबसे आगे है। यहां करोड़पति परिवारों की संख्या 138 फीसदी बढ़ी है। इसकी वजह तकनीकी और दवा क्षेत्र में तेज वृद्धि है। हरियाणा में अमीर परिवारों की संख्या 91 फीसदी बढ़ी है, जबकि सक्रिय कंपनियों में 59 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी वृद्धि जारी है। इन राज्यों में करोड़पति परिवारों की संख्या में क्रमशः 58 फीसदी, 76 फीसदी और 58 फीसदी वृद्धि हुई है, जो बढ़ते कारोबारी माहौल का नतीजा है।
छोटे शहर भी पीछे नहीं
यूपी के बांदा, इटावा, सीतापुर, बाराबंकी, महाराजगंज, आजमगढ़, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में भी अमीरों की संख्या में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।








