मॉक ड्रिल: मॉक ड्रिल को लेकर भारत सरकार ने नहीं जारी की ऐसी कोई एडवाइजरी, सच जानें, भ्रम में ना रहें

Spread the love

 

सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक नकली एडवाइजरी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि “सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है” और लोगों को नकद, ईंधन, दवाइयां और अन्य आपातकालीन सामान जमा करने की सलाह दी जा रही है। इसे लेकर एडवाइजरी की एक कॉपी भी व्हाट्सएप पर शेयर हो रही है। इस वायरल मैसेज को लेकर सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई एडवाइजरी भारत सरकार, किसी सुरक्षा एजेंसी या आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी नहीं की गई है और जनता से इस तरह की अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

 

क्या है इस नकली एडवाइजरी में?

  • इस फर्जी “Advisory Notice” में लोगों से कहा गया है कि..
  • 50,000 रुपये नकद रखें
  • वाहन में पूरा ईंधन भरवाएं
  • 2 महीने की दवाइयों का स्टॉक रखें
  • पावर बैकअप की व्यवस्था करें
यह एडवाइजरी किसी भी सरकारी लोगो, एजेंसी के नाम या प्रमाणन के बिना है, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आम जनता को यह सरकारी आदेश जैसा लगे।

सच्चाई क्या है?

ऐसी कोई एडवाइजरी भारत सरकार या किसी अधिकृत एजेंसी ने जारी नहीं की है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हालिया आतंकी हमले के बाद इस तरह की अफवाहें फैलाना गंभीर और साइबर कानून के तहत दंडनीय अपराध है। मॉक ड्रिल एक नियमित अभ्यास है, इसका किसी भी आपात स्थिति से कोई संबंध नहीं है।


Spread the love
और पढ़े  कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु की याचिका पर 13 अगस्त को सुनवाई, कर्नाटक से पानी छोड़ने की मांग
  • Related Posts

    नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमला, मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

    Spread the love

    Spread the loveशिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में हमले की खबर सामने आ रही है। बादल पर नांदेड़ के…


    Spread the love

    सीबीआई-एनआईए सहित 5 केंद्रीय एजेंसियों में अब सात साल की प्रतिनियुक्ति, सीएपीएफ और एआर कर्मियों पर फैसला

    Spread the love

    Spread the loveकेंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीबीआई और एनआईए और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) सहित पाँच केंद्रीय एजेंसियों में सीएपीएफ व असम राइफल्स के कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ा…


    Spread the love