बलिदानी की पत्नी लीला गढि़या, पुत्र धीरज और राहुल सोमवार रात देहरादून से कपकोट पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह उनके पिता धन सिंह गढि़या, माता चंद्रा गढि़या समेत पूरे गांव के लोग भी आ गए। मंगलवार दोपहर बाद 1:50 मिनट पर बलिदानी जवान का पार्थिव शरीर वायुसेना के हेलीकाॅप्टर से कपकोट के डिग्री कॉलेज मैदान में पहुंचा। मैदान में ही परिवार वालों ने जवान के अंतिम दर्शन किए। सेना की रेजिमेंट की ओर से बलिदानी को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। विधायक सुरेश गढि़या, डीएम आकांक्षा कोंडे, पीएमजीएसवाई अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, पैरा लेफ्टिनेंट कर्नल हैरी लुईस समेत अन्य अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए।
मैदान से जवान की अंतिम यात्रा भारत माता की जय, बलिदानी गजेंद्र सिंह अमर रहें के गगनभेदी नारों के साथ श्मशानघाट के लिए रवाना हुई। सरयू-खीरगंगा के संगम पर सिख रेजीमेंट और सिग्नल कोर जवानों ने अंतिम सलामी दी। लिदानी के चचेरे भाई नवीन और छोटे भाई किशोर ने चिता को मुखाग्नि दी। वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में आंसू थे। इस मौके पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विजय मनराल, एसडीएम अनिल चन्याल आदि रहे।