अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों को प्रदेश सरकार की हिम केयर और केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का आधा अधूरा लाभ ही मिल रहा है। मरीजों के निशुल्क उपचार के लिए शुरू की गईं आयुष्मान भारत योजना, हिमकेयर और सहारा योजना में सरकार पर करोड़ों की देनदारियां फंस गई हैं, जिससे उपचार प्रभावित होने लगा है।
हिमकेयर योजना के तहत करीब 400 करोड़ रुपये, आयुष्मान योजना के लगभग 250 करोड़ रुपये और सहारा योजना के 120 करोड़ रुपये की भुगतान राशि अटकी गई है। भुगतान में लगातार देरी के कारण सरकारी अस्पतालों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई अस्पतालों में ऑपरेशन और गंभीर उपचार के लिए आवश्यक सर्जिकल सामान उपलब्ध कराने वाले वेंडरों ने बकाया भुगतान न मिलने के कारण आपूर्ति रोक दी है। इससे मरीजों के ऑपरेशन टल रहे हैं और उपचार में देरी हो रही है। सरकार से समय पर भुगतान नहीं मिलने से दवाइयां, उपकरणों और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।









