मध्यप्रदेश: उज्जैन में हिंसा के बाद तनाव- तराना में फिर भड़का विवाद, उत्पातियों ने पथराव कर बस में आग लगाई

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ज्जैन के तराना में हुआ सांप्रदायिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार रात तनावपूर्ण हालात के बाद शुक्रवार दोपहर एक बार फिर स्थिति बिगड़ गई। बस स्टैंड इलाके में पथराव हो गया और एक बस आग के हवाले कर दी गई। भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने उपद्रवियों पर बीएनएस की धारा 163 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

 

बस स्टैंड क्षेत्र मे मचा बवाल बस मे आग लगाई
शुक्रवार दोपहर को जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यह समझ रहे थे कि पूरा मामला शांत हो गया है तभी तकिया मोहल्ला क्षेत्र बस स्टैंड में 50 से 60 लोगों ने जमकर बवाल मचाया। इस दौरान मारपीट और पथराव किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि ये लोग धर्म विशेष के बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि क्षेत्र में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए थे जिसे तो पुलिस ने रोक दिया, लेकिन इसी बीच किसी व्यक्ति ने यहां खड़ी एक बस में आग लगा दी। बस में आग लगाए जाने की जानकारी जैसे ही लोगों तक पहुंची वैसे ही क्षेत्र में फिर स्थिति बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव  किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि एक फरार आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द पकड़े। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने  हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।  उनकी मांग आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की भी है। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस ने  बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है।

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क्यों हुआ तराना में विवाद
तराना में शुक्ला गली में रहने वाला सोहिल पिता सोनू ठाकुर उम्र 26 साल अपने घर से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर संघ कार्यालय के नजदीक बैठा था। शाम करीब 7.30 बजे ईशान मिर्जा और उसके साथ आठ से दस लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर सोहिल के पास पहुंचे और उसे धमकाने लगे। इन लोगों का कहना था कि तुम हमारे काम में बहुत टांग अड़ाते हो, हमारे रास्ते में मत आया कर। आरोपियों के साथ सोहिल की कहासुनी हुई, इसी बीच आरोपियों ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सोहिल को बचाने उसका चचेरा भाई आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। सोहिल को तत्काल ही तराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे उज्जैन रैफर कर दिया गया। इस घटना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए थे। यहीं भीड़ में से कुछ लोग बस स्टैंड की ओर आगे बढ़े व बसों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तराना में तनाव के हालात निर्मित हो गए। रात में ही पुलिस ने ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ हेडली, सलमान, रिजवान और नावेद सहित छह लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।

आईसीयू में भर्ती, हालत खतरे से बाहर
सोहिल ठाकुर को तराना से घटना के कुछ देर बाद ही उज्जैन रैफर कर दिया गया था। उसके सिर पर गहरी चोट आई है। उज्जैन जिला अस्पताल चरक भवन में उसे भर्ती रखा गया है। सोहिल की हालत खतरे से बाहर है, सिर में चोट की वजह से बतौर सतर्कता उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

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लव जिहाद-गोरक्षा के मामलों में एक्टिव रहा है सोहिल
सोहिल ठाकुर जिस पर हमला हुआ वह बजरंग दल का नगर मंत्री है। सोहिल ठाकुर तराना में लव जिहाद-गोरक्षा जैसे मामलों में हमेशा संगठन की ओर से अगुवाई करता रहा है और लगातार सक्रिय बना रहता है। इसी वजह से भी वह कुछ असामाजिक तत्वों की निगाह में चढ़ा हुआ था।

 

अब इसलिए भड़का विवाद
पुलिस ने सप्पन मिर्जा (मदारबड़ा), ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता चाहते हैं कि जो एक आरोपी अभी फरार है उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए। साथ ही जिन पांच आरोपियों को अब तक पकड़ा जा चुका है उनके मकान तोड़े जाएं और उनका सामूहिक जुलूस भी निकाला जाए। प्रशासन और पुलिस अधिकारी हिंदूवादी संगठनों को समझाने में लगे हुए हैं, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। कार्यकर्ता थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। आरोप है कि नमाज खत्म होने के बाद कुछ लोग यहां पहुंचे तो विवाद गहरा गया।

अचानक हुआ पथराव
तराना के बस स्टैंड इलाके में रहने वालों का कहना है कि पथराव करने वाली भीड़ अचानक इलाके में आई और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद  प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। भीड़ में 25 से 30 लोग थे।

एसपी भी पहुंचे तराना
तराना क्षेत्र में गुरुवार रात से मचे इस बवाल को अब तक एसडीओपी भविष्य भास्कर, एसडीएम बृजेश सक्सेना, तराना थाना प्रभारी रामनारायण भदोरिया संभाल रहे थे, लेकिन दोपहर को फिर जब बवाल मचा तो एसपी प्रदीप शर्मा तुरंत तराना पहुंच गए और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एसपी शर्मा इस दौरान उस क्षेत्र में भी पहुंचे जहां पर बस को जलाया गया था। एसपी अभी तराना में ही हैं और पूरे मामले पर अपनी निगाह गढ़ाए हुए हैं।

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पांच थाना प्रभारी, 100 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
गुरुवार शाम के वक्त जब तराना में भीड़ उग्र हुई, तब तराना थाने में बमुश्किल 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे। बवाल की सूचना के बाद कायथा और माकड़ौन से पुलिसकर्मी तराना पहुंचे। इसके कुछ देर बाद घट्टिया, महिदपुर और चिमनगंज मंडी से थाना प्रभारी अपने थानों का बल लेकर पहुंचे। रात करीब 10 बजे एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर भी तराना पहुंच गए थे। इनके साथ ही पुलिस लाइन से बल तराना भेजा गया। पांच थानों के प्रभारी और करीब 100 पुलिसकर्मी रात 11 बजे तक वहां पहुंच चुके थे। सुबह भी तराना के प्रमुख संवेदनशील इलाको में पुलिसकर्मी तैनात रहे।


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