तपोवन विधानसभा: नहीं हो पाया धारा 118 में संशोधन, अब सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा विधेयक,जानें..

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विधानसभा में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश भू अभिधृति एवं भूमि सुधार संशोधन विधेयक 2025 को पारित नहीं किया जा सका। इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा। विपक्ष की मांग पर सरकार ने इसके लिए सहमति जताई है। दोनों दलों के विधायकों की समिति इस संशोधन विधेयक का परीक्षण करेगी। उसके बाद विधेयक बजट सत्र में पेश होगा। भोजनावकाश के बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश भू अभिधृति एवं भूमि सुधार संशोधन विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव पेश किया। विधेयक पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने संशोधन दिया, लेकिन 24 घंटे पहले नोटिस न दिए होने से इसे रद्द कर दिया गया। राजस्व मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के इसमें कई प्रावधान किए गए हैं। उद्यम लगाने इससे आसान होंगे। कृषि से जुड़ी सहकारी सभाओं को अब जमीन लेने में दिक्कत नहीं होगी।

 

चर्चा में भाग लेते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचलियों के हितों के मद्देनजर गैर कृषकों को जमीन लेने पर पाबंदी लगाई गई थी। हम डॉ. परमार का सम्मान करते थे। वह हिमाचल के निर्माता थे। हम बाहरी लोगों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। धारा 118 की मूल भावना के खिलाफ है। हमारे लोग कहां जाएंगे। बाहर के लोग ज्यादा रेट देकर जमीन खरीदेंगे। बाहर का व्यक्ति जब बिजनेस जमाएगा, वह जाने वाला नहीं है। इससे संपत्ति महंगी होगी और हिमाचली नहीं खरीद पाएंगे। जितना इसका स्वरूप बदलेंगे, उतना ही नुकसान होगा। बाहरी लोगों के आने से हमारी संस्कृति और सभ्यता को नुकसान होगा। इसे वापस लिया जाए या इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। बजट सत्र में संशोधन लाया जाए।

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मुख्यमंत्री बोले – जमीन बेचने से संबंधित नहीं है संशोधन विधेयक
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष के साथियों ने एक मुहिम छेड़ी है और वे जमीन बाहर के लोगों को बेचने की बात कर रहे हैं। इसमें कहीं भी धारा 118 को कमजोर नहीं किया गया है। यह संशोधन विधेयक सोच-समझकर लाया गया है। यह जमीन बेचने से संबंधित नहीं है। कृषि से जुड़ी सहकारी सभाओं को इससे छूट देने की जरूरत है। अगर गैर कृषक आएगा तो संपत्ति सरकार में निहित होगी। बाकी जो होटल के निर्माण की अनुमति आगे बढ़ाने का मामला है, जहां से पूरा नहीं हुआ, वहीं अनुमति दी जानी है। लीज वाले मामले में विचार करेंगे। कुछ बातें सदन में ध्यान में लाई गई हैं। वह इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजने से सहमत हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संशोधन विधेयक सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाएगा। सेलेक्ट कमेटी के राय के बाद इसे बजट सत्र में लाया जाएगा।

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