नकली दवाओं के सिंडिकेट की धरपकड़ में लगी एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम की पड़ताल जारी है। हे मां और बंसल मेडिकल के बाद पांचवें दिन मंगलवार को टीम ने मोती कटरा स्थित श्री राधे मेडिकल एजेंसी के गोदाम पर जांच की। दुकान की दूसरी मंजिल पर बने गोदाम में करोड़ों की दवाएं रखी मिलीं। इनमें डायबिटीज सहित अन्य दवाएं शामिल हैं। फिलहाल दवाओं के बिल आदि के लिए टीम ने मालिक से संपर्क किया मगर उनका नंबर बंद आया। देर रात दवाओं के सैंपल लिए गए हैं।
22 अगस्त को एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने आगरा कैंट स्टेशन से लेकर आए 87 लाख की दवाओं से भरे टेंपो को पकड़ा था। दवाओं की जांच में नकली दवाएं मिली थीं। इसकी पुष्टि होने पर हे मां मेडिकल एजेंसी पर टीम पहुंची थी। संचालक हिमांशु अग्रवाल ने कार्रवाई रोकने के लिए एक करोड़ रुपये की पेशकश की थी। टीम ने रुपयों के साथ उसे पकड़ लिया था।बाद में बंसल मेडिकल एजेंसी पर भी टीम गई थी। मामले में दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। एक मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में लिखा गया। इसमें हिमांशु अग्रवाल को जेल भेजा जा चुका है। वहीं दूसरा मुकदमा नकली दवाओं के मामले में छह लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है।









