कहीं कीड़े तो नहीं नोच रहे दिमाग- सिर दर्द और चक्कर आए तो तुरंत कराएं जांच, इस बीमारी से डॉक्टर भी हैरान

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सिर में तेज दर्द, मिर्गी या अन्य तरह के दौरे, उल्टी, कमजोर नजर, पैरालिसिस, चक्कर आना, बार-बार बेहोश हो जाना, व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल इसकी जांच कराएं। आपके दिमाग में कीड़े हो सकते हैं। बरेली के जिला अस्पताल की ओपीडी में इस तरह के लक्षण वाले मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में न्यूरोसिस्टोसरकोसिस (एनसीसी) रोग की पुष्टि हो रही है। इस तरह के मरीजों की बढ़ती संख्या से चिकित्सक भी हैरत में हैं।

जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक ओपीडी में दौरे से पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ रही है। शुरुआत में अस्पताल में सीटी स्कैन जांच की सुविधा नहीं थी। तब मरीज निजी रेडियोलॉजी सेंटर पर जांच कराते थे। इससे रिपोर्ट का पता नहीं चलता था। संभवत: एनसीसी की पुष्टि पर वे परामर्श के लिए न्यूरो फिजिशियन के पास पहुंचते थे। करीब डेढ़ वर्ष से जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन यूनिट संचालित है। इसकी जांच रिपोर्ट में प्रतिमाह करीब दस मरीज एनसीसी की चपेट में मिल रहे हैं।
डॉ. आशीष ने बताया कि एनसीसी, टीनियासिस परजीवी से होता है। इसे पोर्क टेपवर्म कहते हैं। इसकी मुख्य वजह सुअर के अधपके मांस का सेवन है। दूषित भोजन या पानी के सेवन से भी यह परजीवी मानव शरीर में प्रवेश करता है। रक्तवाहिकाओं से होते हुए दिमाग में पहुंचकर अंडे देता है। यही मिर्गी का कारण बनते हैं।

दिमाग में सिस्ट बना देता है लार्वा, अनदेखी से जान का जोखिम
न्यूरोफिजिशियन डॉ. सचिन सिंह के मुताबिक, लार्वा रक्तवाहिकाओं से होते हुए दिमाग समेत शरीर के कई अंगों में पहुंच जाते हैं। जहां इनका ठहराव होता है, वहां सिस्ट (फोड़े) बना देते हैं। इससे तंत्रिकाएं प्रभावित होती हैं। समय पर इलाज न होने पर पीड़ित व्यक्ति को जान का जोखिम रहता है। हालांकि, समय पर संक्रमण का पता चल जाए तो तीन वर्ष तक इलाज चलता है। इस दौरान दवा का कोर्स छोड़ने पर परजीवी फिर पनपने लगते हैं। 

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बचाव के उपाय

  • बगैर हाथ धोए भोजन न करें।
  • संक्रमित के संपर्क से आने से बचें, टीकाकरण कराएं।
  • शाकाहार, मांसाहार को अच्छे से पकाकर खाएं।
  • दूषित स्थानों पर भोजन, पानी का सेवन न करें।
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, ताकि इम्युनिटी मजबूत हो।

दो साल से हो रहा था सिरदर्द, जांच के बाद इलाज शुरू
पुराने शहर की 63 वर्षीय महिला को दो वर्ष से सिर में तेज दर्द हो रहा था। दर्द की दवाओं से राहत मिल रही थी। फिर दौरे पड़ने लगे तो इलाज के लिए परिजन साथ लेकर जिला अस्पताल के मनकक्ष पहुंचे। जांच में एनसीसी की पुष्टि हुई। निजी मेडिकल कॉलेज से इलाज चल रहा है।

दस साल से पड़ रहे थे दौरे जांच में पता चली बीमारी
नरियावल निवासी 24 वर्षीय युवक को दस साल से दौरे पड़ रहे थे। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल के मनकक्ष ले आए। यहां सीटी स्कैन जांच कराई गई तो दिमाग में आठ स्थान पर कीड़े मिले। संक्रमण की पुष्टि पर इलाज शुरू करा दिया है।


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