भारत में भी 15 साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ( इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट) पर प्रतिबंध लगाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुए इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि उनकी सरकार बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने जा रही है। इसी के साथ उन्होंने पूछा कि क्या भारत भी इसके लिए तैयार है।
जिस पर अब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रतिक्रिया दी है। वैष्णव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि समाज की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों से बातचीत जारी है।
टेक कंपनियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ चर्चा जारी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि समाज की सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों को लेकर सरकार बड़ी टेक कंपनियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ लगातार चर्चा कर रही है। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पीटीआई से बातचीत में कहा कि इस दिशा में गंभीर स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है और यह तय किया जा रहा है कि समाज को किस तरह की सुरक्षा की जरूरत है और उसे कैसे लागू किया जाए।
वहीं वैष्णव ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट बेहद सफल रहा है। दुनिया भर से राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सबसे खास बात यह रही कि भारत के युवाओं ने इस नई तकनीक और नए युग को सकारात्मक रूप से अपनाया है।
यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर बोले मंत्री
समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर मंत्री ने कहा कि युवाओं और उद्यमियों का उत्साह ही इसका करारा जवाब है। बता दें कि कांग्रेस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का आरोप है कि भारतीय उत्पादों पर 18 फीसदी शुल्क और अमेरिका से आयात पर शून्य शुल्क देश के भविष्य के लिए नुकसानदेह होगा।
‘पैक्स सिलिका’ समझौते पर दिया बयान
इस बीच समिट में भारत और अमेरिका के बीच ‘पैक्स सिलिका’ समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य एआई और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। जिस पर वैष्णव ने कहा कि पैक्स सिलिका समझौता खास तौर पर सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए मजबूत और भरोसेमंद देशों के साथ साझेदारी बेहद जरूरी है और यह समझौता भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को काफी फायदा पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि यह इस बात की भी मान्यता है कि भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से प्रगति कर रहा है, और दुनिया भर के देश भारत को एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला भागीदार के रूप में देखना चाहते हैं।







