बांग्लादेश के महानतम ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले शाकिब अल हसन लंबे समय से अपनी राजनीतिक पहचान को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। वह 2024 के आम चुनाव में अवामी लीग के उम्मीदवार के रूप में मगुरा-1 सीट से सांसद चुने गए थे। हालांकि, विपक्षी दलों और आलोचकों ने उस चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद अवामी लीग पर बांग्लादेश में राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बुधवार को निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी पार्टी से प्रतिबंध हटाने की मांग की और कहा कि वह इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, जबकि उनके खिलाफ कई कानूनी मामले लंबित हैं।
हसीना के कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे शाकिब
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन भी शामिल हुए थे। इसके कुछ घंटे बाद ही उनके घर पर हमला हुआ। ऐसे में इस घटना को देश के मौजूदा राजनीतिक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी संभावित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
2024 से नहीं लौटे हैं बांग्लादेश
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से शाकिब अल हसन बांग्लादेश नहीं लौटे हैं। राजनीतिक बदलाव के बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले दर्ज किए गए, जिनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है। शाकिब कई बार कह चुके हैं कि वह बांग्लादेश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी सुरक्षा और उत्पीड़न से संरक्षण का भरोसा चाहिए। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रहे हैं और दुनिया भर की टी20 लीगों में खेल रहे हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी इस साल संकेत दिया था कि भविष्य में उनके राष्ट्रीय टीम में लौटने की संभावना बनी हुई है।







