पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह से बिगड़े हालात अब पूरी तरह सामान्य हो गए हैं। शनिवार को जिले के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को बिना लाइन के ही आसानी से तेल मिलने लगा। इससे लोगों को परेशानियों से काफी राहत मिली। पिछले कई दिनों से पंपों पर लग रही लंबी कतारें, हड़बड़ी और अफरा तफरी पूरी तरह खत्म हो गई है।
शहर के प्रमुख पंपों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्थिति सामान्य रही। सुबह से ही पंपों पर आम दिनों की तरह हलचल रही। कहीं भी भीड़ या अव्यवस्था नहीं दिखी। लोग सामान्य रूप से पहुंचे और कुछ ही मिनटों में पेट्रोल-डीजल लेकर वापस लौटते रहे। बता दें कि 23 मार्च की दोपहर बाद फैली अफवाह ने देखते ही देखते हालात बिगाड़ दिए थे। 24 और 25 मार्च को पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। सुबह पांच बजे से ही कतारें लग जाती थीं और कई लोग घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौट रहे थे। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि कई पंपों पर पेट्रोल और डीजल की लिमिट तय करनी पड़ी थी। कुछ स्थानों पर 100 रुपये तक पेट्रोल और 200 से 500 रुपये तक डीजल देने की बाध्यता लागू की गई थी।
हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तत्काल सख्ती बरती। डिब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाई गई और प्रमुख पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया। इसका असर यह हुआ कि जमाखोरी पर रोक लगी और अनावश्यक भीड़ धीरे-धीरे कम होने लगी। 26 मार्च से हालात में सुधार शुरू हुआ और 27 मार्च तक अधिकांश पंपों पर आपूर्ति सामान्य हो गई। अब कहीं भी कमी या अव्यवस्था की स्थिति नहीं दिख रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि अफवाह के कारण कुछ समय के लिए दबाव जरूर बना था, लेकिन अब कहीं भी कोई समस्या नहीं है। जिले में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।







