मालेगांव बम धमाके के मामले में बरी हुए कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति के लिए मंजूरी दे दी है। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने कर्नल पुरोहित की पदोन्नति याचिका पर सुनवाई के बाद 31 मार्च, 2026 को होने वाली उनकी सेवानिवृत्ति पर रोक लगा दी थी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है।
सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने कर्नल पुरोहित की पदोन्नति याचिका पर सुनवाई के बाद, 31 मार्च 2026 को होने वाली उनकी सेवानिवृत्ति पर रोक लगा दी थी। न्यायाधिकरण ने कहा कि एनआईए अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद उनकी वैधानिक शिकायत पर फैसला होने तक उन्हें सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा। कर्नल पुरोहित का कहना था कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया था।
एनआईए की अदालत से हुए थे बरी
मुंबई की एनआईए अदालत ने 31 जुलाई 2025 को मालेगांव बम धमाके के मामले में कर्नल पुरोहित को बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उन्हें जिस तरह से मामले में फंसाया गया, वह साबित नहीं हो पाया। इसी आधार पर माना जा रहा था कि उन्हें सेवा में हुए नुकसान की भरपाई मिल सकती है।
रिटायरमेंट पर फिलहाल लगी रोक
न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा था कि जब तक कर्नल पुरोहित की वैधानिक शिकायत पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक उनके रिटायरमेंट को रोक कर रखा जाए। इस दौरान उनकी शिकायत और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के भी निर्देश दिए गए थे।
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अब इस मामले में सेना के संबंधित अधिकारियों को कर्नल पुरोहित की शिकायत पर फैसला ले लिया है। अब उन्हें पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ दिए जा सकते हैं। न्यायाधिकरण के आदेश ने कर्नल पुरोहित को बड़ी राहत दी थी।







