लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बंथरा के पास रविवार की दोपहर हुए हादसे में जान गंवाने वाले कोचिंग संचालक शोभित गुप्ता और छात्र कार्तिकेय गुप्ता का सोमवार को बेहद गमगीन माहौल में अलग-अलग श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान नगर की तमाम दुकानें शोक में बंद रहीं।
शोभित और कार्तिकेय एक अन्य युवक के साथ रविवार को किसी काम से शाहजहांपुर गए थे। वहां से दोपहर में लौटते वक्त उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन पर विपरीत दिशा से आ रहे वाहन से टकरा गई थी। हादसे में दोनों की मौत की सूचना मिलते ही उनके घरों में कोहराम मच गया। तमाम लोग सुबह से दोनों के घरों पर इकट्ठा होकर हादसे पर अफसोस जताते रहे।
शोभित और कार्तिकेय के घरों से उठतीं चीत्कारें सुनकर हर कोई द्रवित हो उठा। शोभित की पत्नी अनन्या बार-बार एक ही बात दोहराये जा रही हैं कि भगवान मेरे शानू (पति) को उठा दो, चाहें मेरा सब कुछ ले लो। शोक जताने आए लोगों से परिवार वाले बात करने की स्थिति में भी नहीं। अंतिम संस्कार के वक्त घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम संस्कार से पहले भारी भीड़ हो जाने से ट्रैफिक पुलिस ने व्यवस्था संभाली।







