सनसनी: बदमाशों ने शिक्षक, पत्नी और 2 बच्चों की गोली मारकर की हत्या, हत्यारे फरार, सामने आई ये वजह

Spread the love

 

uttar-pradesh

 

शिवरतनगंज इलाके में बृहस्पतिवार की देर शाम बेखौफ बदमाशों ने एक शिक्षक, उसकी पत्नी व दो बेटियों की गोली मार कर हत्या कर दी। वारदात के पीछे मुकदमें की रंजिश मानी जा रही है। शिक्षक परिवार रायबरेली जनपद का निवासी है। डीएम, एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। मौके पर अयोध्या रेंज के आईजी भी पहुंचे।

रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र के सुदामापुर निवासी शिक्षक सुनील कुमार (35) पुत्र रामगोपाल अपनी पत्नी पूनम भारती (30), छह साल की बेटी सृष्टि, दो साल की बेटी लाडो के साथ जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी कस्बे में मुन्ना अवस्थी के भवन में किराए पर रहते थे।

सुनील कुमार तिलोई तहसील क्षेत्र के पन्हौना स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। बृहस्पतिवार की शाम वह पत्नी व बच्चों के साथ घर में मौजूद थे। तभी कुछ अज्ञात लोगों ने पहुंच कर शिक्षक को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। बचाव में पहुंची उसकी पत्नी व दो मासूम बेटियों को भी बदमाशों ने गोली मार दी। वारदात अंजाम देने के बाद हमलावर भाग निकले। गोली की आवाज सुनकर क्षेत्र में दहशत फैल गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद वहां स्थानीय लोग भी जमा हो गए। आनन फानन में जख्मी चारों लोगों को सीएचसी सिंहपुर पहुंचाया गया।

जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। ख्रबर मिलने पर आईजी प्रवीन कुमार, डीएम निशा अनंत, एसपी अनूप कुमार सिंह भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच जांच की। फोरेसिंक टीम ने भी साक्ष्य जुटाएं हैं। सूत्रों का कहना है कि शिक्षक सुनील कुमार व उनके परिवार की मुकदमें की रंजिश में हत्या की गई है।

और पढ़े  हरियाणवी सिंगर की हत्या: जिम में फोन पर बहस, बाहर निकलते ही गोलियों से भूना

 

एसपी ने कहा जांच हो रही है

 एसपी अनूप सिंह का कहना है कि शिक्षक परिवार पर कुछ लोगों ने फायरिंग कर दी। जिससे शिक्षक, उनकी पत्नी व दो बेटियों की मौत हो गई है। प्रथमदृष्टया जांच में पता चला कि सुनील कुमार ने रायबरेली कोवताली में चंदन वर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ व एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। जांच की जा रही है कि कहीं उस घटना का इस वारदात से कोई संबंध तो नहीं है। पुलिस की टीम लगाई गई हैं। संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

हमलावरों ने बेरहमी से चलाईं गोलियां

शिवरतनगंज के अहोरवा भवानी कस्बे में शिक्षक, उनकी पत्नी व दो मासूम बेटियों को मौत की नींद सुलाने वाले कातिलों ने अधाधुंध कई राउंड फायरिंग कर वाारदात अंजाम दी है। मौके से बरामद नौ खोखा व एक जिंदा कारतूस इसकी गवाही दे रही हैं। हालांकि हत्यारे कितने और किस वाहन से घटना अंजाम देने आए थे, इसके सिर्फ कयास लगाए जा रहे हैं। हत्यारे इतने शातिर निकले,कि वारदात की किसी को भनक तक नहीं लग पाई। पुलिस भी अभी हाथ मलती नजर आ रही है।

अहोरवा भवानी कस्बे के जिस मकान में शिक्षक परिवार रहता था। उसके आसपास कई दुकानें हैं। लेकिन कोई घटना को लेकर कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। पड़ोस में अमित मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले राम मनोहन ने बताया कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। गोलियों की आवाज सुनाई दी। तब वह चौकन्ना हुए। आसपास के लोग भी निकल आए। जिसके बाद इन लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

और पढ़े  दर्दनाक हादसा: डंपर में पीछे से टकराई रोडवेज, एक बच्ची समेत 2 की मौत, 20 घायल

दावा किया जा रहा है कि इस बीच ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब पता चला कि शिक्षक के परिवार को निशाना बना कर हमला किया गया है। कुछ लोगों ने बताया कि बाइक से कुछ लोग आए थे। वह संदिग्ध नजर आ रहे थे। लेकिन ज्यादा उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। उसी के बाद यह घटना हुई है। दावा किया जा रहा है कि वारदात अंजाम देने में तीन से चार लोग हो सकते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मौके से नौ कारतूस खोखा बरामद हुए हैं। एक जिंदा कारतूस भी मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वारदात अंजाम देने वाले तीन से अधिक हो सकते हैं। हत्या में पिस्टल के इस्तेमाल का कयास लगाया है। हालांकि इस घटना को लेकर पुलिस भी बहुत कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।

 

 शिक्षक परिवार को मुकदमा दर्ज कराना पड़ा भारी

अब तक की पुलिसिया जांच में यही पता चला है कि रायबरेली कोतवाली में शिक्षक की पत्नी द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा ही घटना की मुख्य वजह है। सूत्रों का कहना है कि 18 अगस्त को चंदन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद से ही शिक्षक परिवार ने रायबरेली छोड़ शिवरतनगंज के अहोरवा भवानी गांव में अपना ठिकाना बनाया था। इससे पहले शिक्षक सुनील कुमार प्रतिदिन अपडाउन करते थे। सुनील के साथी शिक्षक पवन कुमार ने बताया कि सुनील पहले रायबरेली से आते जाते थे, लेकिन पिछले करीब तीन माह से वह परिवार सहित यहीं रहने लगे थे। माना जा रहा है कि मुकदमा दर्ज कराने के बाद खतरों को देखते हुए शिक्षक ने अहोरवा भवानी में रहना शुरू किया।

चंद मिनटों में ही उजड़ गया शिक्षक का परिवार

शिक्षक परिवार पर जब गोलियां चलाई गईं तो अंधेरा हो चुका था। बताया जाता है कि करीब सात बजे की घटना है। एकाएक कई राउंड फायरिंग हुई। लोग जब तक कुछ समझ पाए, तब तक हमलावर घटना अंजाम देकर निकल गए। कुछ लोगों का कहना है कि करीब 10 से 15 मिनट तक गोलियों की आवाज सुनाई दी। उसके बाद सन्नाटा पसर गया। जब पुलिस पहुंची तब पता चला कि इतनी बड़ी घटना हो गई।

नवरात्र में संध्या पूजा से पहले हो गई मौत

शिक्षक सुनील कुमार व उनकी पत्नी नवरात्र के पहले दिन व्रत थीं। दोनों शाम को संध्या पूजन के बाद अहोरवा भवानी मंदिर में दर्शन करने जाने की तैयारियां कर रहे थे। लेकिन इसी बीच अचानक पहुंचे हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर परिवार को मौत को नींद सुला दिया।

और पढ़े  दिल्ली HC: 'पति-पत्नी का रिश्ता सबसे खूबसूरत, लेकिन गलतियां बढ़ें तो हो जाता है भयानक

एसटीएफ भी करेगी जांच
शिक्षक दपंती व बच्चों की हत्या के मामले में फोरेंसिक, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड टीमें सबूत खंगाल रही हैं। एडीजी लखनऊ जोन एसबी शिरडकर, मंडलायुक्त गौरव दयाल, आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार मौके पर पहुंच कर पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो मंगेश यादव का एनकाउंटर करने वाले एसटीएफ के डीएसपी डीके शाही को मामले में लगाया गया है।


Spread the love
  • Related Posts

    कौशाम्बी जिले में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 5 की मौत और कई की हालत गंभीर

    Spread the love

    Spread the loveपिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही फैक्टरी में रखे…


    Spread the love

    अयोध्या- गुरु की स्मृतियों में भावुक हुई अयोध्या की संत परंपरा, 12वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए जगद्गुरु स्वामी कमलाकांताचार्य

    Spread the love

    Spread the love   उत्तर तोताद्रिमठ में श्रद्धांजलि सभा, संतों ने पुष्प अर्पित कर किया नमन; पीठाधीश्वर स्वामी अनंताचार्य बोले—गुरुदेव के उपदेश और आशीर्वाद आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे…


    Spread the love