पावन नगरी अयोध्या में धार्मिक उत्सवों की शृंखला के बीच परकोटा के सूर्य मंदिर के शिखर पर बृहस्पतिवार को विधिवत ध्वजारोहण संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धा-भक्ति के वातावरण में यह आयोजन साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में पूरा हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह 10:30 बजे आचार्यों ने विधिवत पूजन-अर्चन प्रारंभ किया। इसके बाद मैनुअल तरीके से ध्वज को शिखर पर चढ़ाया गया।
जैसे ही शिखर पर ध्वज फहराया गया ”जय श्री राम” और सूर्य नारायण के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। नवरात्रि अष्टमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर पर विधि विधान पूर्वक ध्वज का आरोहण किया गया। भगवा रंग के इस ध्वज पर ”ऊं” अंकित है। मंदिर के प्रवेश द्वार से बाएं परकोटा के नैऋत्य कोण पर स्थित सूर्य मंदिर के 19़ 7 फीट ऊंचे ध्वज दंड पर नौ 9़ 3 फीट लंबाई (लहर) वाले ध्वज की चौड़ाई ( लपेट) 4़ 7 फीट है। इससे पहले राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि समेत अन्य संतों ने ध्वज का पूजन किया।
महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराना केवल परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, विजय और दिव्यता का प्रतीक है। ध्वज स्थापना से मंदिर दैवीय ऊर्जा का केंद्र बन जाता है। इस दौरान बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य, जगद्गुरु श्रीधराचार्य, महंत रामशरण दास, अधिकारी राजकुमार दास, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा, गोपाल राव, एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे, जगदीश आफ़ले, तीर्थ क्षेत्र भवन सह प्रभारी प्रद्युम्न सिंह मौजूद रहे।







