ऋषिकेश- अनोखी मिसाल: दिव्यांग गुरु को पीठ पर उठाकर केदारनाथ धाम की कठिन यात्रा पर निकला मध्यप्रदेश का युवा

मध्यप्रदेश के एक युवा ने गुरु भक्ति की अनोखी मिसाल पेश की है। दुर्गेश पंत (20) अपने दिव्यांग गुरु बाबा विक्रम (48) को पीठ पर उठाकर केदारनाथ धाम की कठिन यात्रा पर निकले हैं। उनका एकमात्र संकल्प अपने गुरु को बाबा केदार के दर्शन कराना है। जबलपुर जिले के सीओर गांव निवासी दुर्गेश पिछले करीब दस वर्षों से बाबा विक्रम के सानिध्य में हैं।

बचपन से दिव्यांग बाबा विक्रम ने जब केदारनाथ जाने की इच्छा जताई, तब दुर्गेश ने इसे अपना धर्म और सौभाग्य मान लिया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने वाहन का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अपने गुरु को पीठ पर उठाकर पैदल ही यह कठिन यात्रा शुरू कर दी।

 

मंगलवार को यह गुरु-शिष्य जोड़ी चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश पहुंची। वहां मौजूद लोग इस अनोखी गुरु-शिष्य जोड़ी को देखकर बेहद भावुक हो उठे। कई श्रद्धालुओं ने उनके लिए पानी की व्यवस्था की। दूसरों ने उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। दुर्गेश सोमवार सुबह ट्रेन से हरिद्वार पहुंचा, वहां से शाम में पैदल ऋषिकेश पहुंचा।

 

गुरु ने हमेशा सही राह दिखाई : दुर्गेश

दुर्गेश ने बताया कि उनके गुरु ने हमेशा उन्हें सही राह दिखाई है। गुरु ने जीवन के हर कठिन समय में उनका मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि गुरु उनके लिए भगवान के समान हैं। उनकी इच्छा पूरी करना ही दुर्गेश के लिए सबसे बड़ी पूजा है। दुर्गेश ने दृढ़ता से कहा कि चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं। वह अपने गुरु को केदारनाथ धाम तक जरूर लेकर जाएंगे। गुरु और शिष्य के अटूट विश्वास, श्रद्धा और समर्पण की यह कहानी समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दे रही है। सच्चे रिश्ते केवल शब्दों से नहीं, बल्कि त्याग और निष्ठा से निभाए जाते हैं।

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