वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में है। हरीश रावत जो कुछ भी है, उस सबका निर्माण करती है। वह तो मेरे साथ ही स्वर्ग में भी जाएगी। सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में उन्होंन कहा कि यदि कल-परसों देहरादून में ईडी का जो पाखंडपूर्ण चकल्लस हुई है और मैंने यह कहा है कि यदि उससे कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी के जो पद मेरे पास हैं, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और एआईसीसी की वर्किंग कमेटी के सदस्य मैं उन पदों से त्यागपत्र देना चाहूंगा।
उन्होंने कहा कि यदि जानबूझकर या अनजाने में उनसे ऐसा कोई कार्य हुआ है, जिससे राज्य के युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, तो वह इसके लिए खुद को यातना का पात्र मानते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से इस चूक के लिए माफी मांगी। हरीश रावत ने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति के पास ऐसी नियुक्तियों में उनके हस्तक्षेप का कोई सबूत है, तो वे उसे सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को अवश्य प्रदान करें। उन्होंने दोहराया कि यदि उनसे कोई चूक हुई है, तो वह खुद को दंड का पात्र मानते हैं और कानून को उन्हें दंडित करना चाहिए।





