हरिद्वार- मोर्चरी में रखे शव को चूहों ने कुतरा, लापरवाही पर आगबबूला हुए परिजनों का हंगामा

 

 

जिला अस्पताल की मोर्चरी में शुक्रवार रात से रखे पंजाबी धर्मशाला के मैनेजर के शव को चूहों ने कुतर दिया। सुबह मोर्चरी पहुंचे परिजन मृतक का चेहरा और आंखें देखकर भड़क गए। एक आंख और चेहरा चूहों के कुतरने की जानकारी आग की तरह फैल गई और अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

परिजनों के साथ लोगों ने जमकर हंगामा काटा। कुछ लोगों ने दरवाजे में लगे शीशे तोड़ दिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी परिजनों को अपना समर्थन दिया और अस्पताल के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। पांच घंटे से ज्यादा तक चले हंगामे के बाद कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन माने। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

 

जानकारी के मुताबिक, ज्वालापुर में दुर्गा चौक के समीप पंजाबी धर्मशाला में लखन शर्मा उर्फ लक्की (36) बीते 15 साल से मैनेजर के तौर पर कार्यरत थे। वह अपनी माता के साथ धर्मशाला में ही रहते थे। शुक्रवार की शाम लक्की एक दुकान पर गए थे, जहां अचानक वह नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। तब सूचना पर पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया था। बताया गया था कि हार्टअटैक से मौत हुई है।

चेहरे, सिर और एक आंख पर गहरे घाव
समय बीत जाने के कारण शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हुआ। प्रक्रिया अगले दिन सुबह के लिए टाल दी गई। शनिवार सुबह जब परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। मृतक के चेहरे, सिर और एक आंख पर गहरे घाव के निशान थे। एक आंख निकली हुई थी। आसपास चूहे दौड़ते दिखे तो परिजनों को समझते देर नहीं लगी कि रात में शव को चूहों ने कुतर डाला है। घटना की जानकारी मिलते ही पंजाबी महासभा से जुड़े लोग अस्पताल पहुंच गए। कांग्रेस नेता भी एकत्र हो गए। मोर्चरी के बाहर नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया गया।

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गुस्साए लोगों ने की तोड़फोड़, पुलिस ने बमुश्किल कराया शांत

परिजनों का आरोप था कि मोर्चरी की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, जिससे शव तक सुरक्षित नहीं रह पा रहे। इस बीच कुछ लोगों ने गेट पर लगे शीशे भी तोड़ डाले। हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एडीएम फिंचा राम चौहान, एसडीएम जितेंद्र कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह गुस्साए परिजनों और लोगों को शांत कराया। बाद में जांच कमेटी बनाने और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर सभी मान पाए।

 

– शव रात में लाया गया था। उसे डीप-फ्रीजर में रखा गया था। कुछ डीप-फ्रीजर में ढक्कन नहीं लग पा रहे हैं। इसकी शिकायत दर्ज कराई हुई है। इस मामले की जांच की जाएगी। कहां से लापरवाही हुई और किसकी गलती है, ये बात सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. आरबी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल हरिद्वार

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