महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक ग्रामसभा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सरपंच और अन्य लोगों को कथित तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारियों को दी जाने वाली रिश्वत का “रेट कार्ड” बताते हुए सुना जा सकता है।
सरपंच ने लगाए रिश्वत मांगे जाने के आरोप
वीडियो में ग्रामीणों ने जब विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से पैसे मांगे जाने पर सवाल किया, तो सरपंच ने कथित तौर पर कहा कि पंचायत समिति के सदस्य और अधिकारी रिश्वत मांगते हैं।
सरपंच ने कथित तौर पर कहा कि रोजगार गारंटी योजना के तहत कुएं की मंजूरी के लिए 20 हजार रुपये देने पड़ते हैं। इसी तरह, पशु शेड की मंजूरी के लिए कथित तौर पर 7,000 रुपये लिए जा रहे थे। आवास और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी कथित तौर पर तय रकम मांगी जाती थी।
रिश्वत का रेट कार्ड क्या है?
वीडियो में बताया गया कि कुएं के लिए पंचायत समिति स्तर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जाती है। इसमें से 5,000 रुपये मकान कर और पानी कर के बकाये में समायोजित किए जा सकते हैं। इसके बाद लाभार्थियों को कथित तौर पर पंचायत समिति के कर्मचारियों को 15 हजार रुपये देने पड़ते हैं।
वीडियो में सरपंच को माइक्रोफोन पर यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि ग्रामसभा की इन कार्यवाहियों को रिकॉर्ड कर सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि ”पूरी दुनिया को पता चले।” चाकुर पंचायत समिति के प्रखंड विकास अधिकारी संताजी माने ने पीटीआई से कहा, ”मैंने सरपंच से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है और उनसे तीन दिन के भीतर सबूत पेश करने या यह बताने को कहा है कि उन्होंने किसे और कब पैसे दिए।”
जांच शुरू, मांगा गया सरपंच से जवाब
उन्होंने कहा, ”अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैंने नागरिकों से यह भी अपील की है कि पंचायत समिति में किसी भी काम के लिए पैसे न दें। अगर कोई पैसे मांगता है तो सीधे मुझसे या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में शिकायत करें।”





