चलती बस में दुष्कर्म: क्या हादसे के इंतजार में थे अधिकारी, अब दिखीं खामियां, विश्वनाथ ट्रैवल्स समेत 9 बसें सीज

री चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलती बस में 17 साल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अब बसों में नियमों के पालन की सघन जांच की जा रही है। इसके तहत मंगलवार को विश्वनाथ ट्रैवल्स की एक बस समेत कुल नौ बसों को सीज किया गया। इन बसों में खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे और शीशे से बंद प्राइवेट केबिन बने थे, जबकि सीसीटीवी कैमरे व पैनिक बटन नदारद थे। 4 अगस्त को विश्वनाथ ट्रैवल्स की बस में ही छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

परिवहन विभाग ने सेक्टर-44 के छलेरा से इन बसों को लाकर मोरना डिपो में खड़ा किया है। दूसरी तरफ, इस कार्रवाई के बाद सभी टूर एंड ट्रैवल्स संचालक अपनी दुकानें और कार्यालय बंद करके भाग निकले। छलेरा में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे कार्यालय मंगलवार को बंद मिले। ट्रैवल्स एजेंसियों ने अनधिकृत रूप से महामाया फ्लाईओवर से जारी ाल ढोने के काम को भी अस्थायी तौर पर रोक दिया है।
एआरटीओ (प्रशासन) नंद कुमार के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग के पास पांच प्रवर्तन दल सक्रिय हैं, जो प्रमुख जगहों पर समय-समय पर जांच अभियान चलाते हैं। अप्रैल से जुलाई के बीच 527 बसों का चालान किया गया है, जबकि 379  बसों को सीज किया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि नाकेबंदी करके ऐसी बसों पर कार्रवाई की जाती है।
प्रवर्तन दल की टीमों की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है। सभी प्रकार की बसों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान समेत सीज करने की भी कार्रवाई नियमित रूप से की जा रही है।

-डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ (प्रवर्तन), गौतमबुद्ध नगर

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