अगस्त में हुई जोरदार बारिश ने उत्तर प्रदेश में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रदेश में साल 2018 के बाद यह 21वीं सदी का सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त रहा। पूरे प्रदेश में सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश हुई। प्रयागराज में अगस्त के दौरान 631.6 मिमी और बांदा में 646 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन दोनों जिलों में वर्ष 1901 से अब तक अगस्त में इतनी बारिश कभी दर्ज नहीं की गई।
राजधानी में सितंबर की शुरुआत जोरदार बारिश के साथ हुई। मंगलवार को सुबह से ही शहर के ज्यादातर इलाकों में घने काले बादल छाए रहे। सुबह करीब नौ बजे बारिश शुरू हुई, जो 11 बजे तक चलती रही। इससे दफ्तर और अन्य कामों से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर बाद एक बार फिर बादल सक्रिय हुए और तेज बारिश शुरू हो गई। देर शाम करीब दो घंटे तक हुई जोरदार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।रिमझिम बारिश का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
शाम तक लखनऊ के चिनहट में 59 मिमी, 1090 चौराहे पर 54 मिमी और राजभवन क्षेत्र में 45.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आई और मौसम में ठंडक महसूस की गई।
अगस्त में सामान्य से 64 फीसदी अधिक हुई बारिश
इधर मौसम विभाग ने लखनऊ में अगस्त में हुई बारिश के आंकड़े भी जारी किए हैं। इसके अनुसार लखनऊ में अगस्त के दौरान 330.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 64 फीसदी अधिक है। अगस्त में शहर में सामान्य बारिश 202 मिमी मानी जाती है। इसके पहले साल 2024 में अगस्त माह में 338.7 मिमी और साल 2018 में 405.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।







