प्रतीक यादव की बेटी ने हाथ पर गुदवाया टैटू, बोली- पापा हमेशा मेरे साथ

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पा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक की छोटी बेटी पद्मजा ने हाथ पर टैटू गुदवाया है, पद्मजा ने अपने पिता की याद को खास अंदाज में संजोया है, जिसमें प्रतीक को गले लगाए हुए तस्वीर गुदवाई है। इसमें प्रतीक बेटी पद्मजा को बहुत ही प्यार से सीने से लगाए हुए हैं।

 

टैटू आर्टिस्ट साक्षी पंवार ने इंस्टाग्राम पर इसका वीडियो शेयर किया है। वीडियो में पद्मजा अपने नन्हें हाथ पर पिता की मुस्कुराती तस्वीर का टैटू बनवाती नजर आ रही है। वह बार-बार अपने हाथ को देखती है और हल्की मुस्कान के साथ कहती है कि अब पापा हमेशा मेरे साथ हैं।

 

13 मई को हुई थी मौत

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में लखनऊ में निधन हो गया है। 13 मई सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी सामने आ रही है कि प्रतीक यादव फेफड़ों की गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।

प्रतीक यादव फेफड़ों की एक अत्यंत गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें कुछ समय पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक एक जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए थे।

यह बीमारी फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करती है और इसे अत्यंत खतरनाक माना जाता है। इसमें खून का थक्का फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में फंस जाता है। इससे शरीर में रक्त संचार गंभीर रूप से बाधित हो जाता है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म को एक जानलेवा चिकित्सा स्थिति के रूप में जाना जाता है। इस बीमारी के कई गंभीर और चिंताजनक लक्षण होते हैं।

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पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे प्रतीक

कुछ दिनों पहले गंभीर हालत में लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। इस बीमारी में अचानक सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, खांसी, और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। फेफड़ों की इस गंभीर बीमारी को जानलेवा कहा जाता है।

हालांकि, प्रतीक यादव अपना आवश्यक इलाज पूरा होने से पहले ही अस्पताल से घर चले गए। वह गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती रहकर उपचार प्राप्त कर रहे थे। पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक गंभीर आपातकालीन चिकित्सा स्थिति है। इसमें तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

पीजीआई के सरदार पटेल डेंटल कॉलेज की रहने वाली अपर्णा यादव की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी हुई थी कि चार महीने पहले अपर्णा के पति के लंग्स में इंफेक्शन हुआ था जिसका ऑपरेशन हुआ था। उन्होंने उनकी मौत की खबर सुनी तो सन्न रह गई और सीधे भाग कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची।

 

हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें थीं

मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा कहती हैं, “हमें प्रतीक यादव के निधन की खबर मिली है, और इस नुकसान से हमें गहरा दुख हुआ है। वह हमारे पुराने मरीज थे। मैं काफी समय से उनका इलाज कर रही थी, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें थीं।

कुछ ही दिन पहले, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म होने के बाद यहां भर्ती किया गया था, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का (blood clot) धमनियों में पहुंचकर वहीं फंस जाता है। उनके फेफड़ों में रुकावट के कारण, उनके दिल के काम करने पर बुरा असर पड़ा था।

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