पिथौरागढ़: प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा- पीएम ने पहनी स्थानीय पोशाक,आदि कैलाश के किए दर्शन, बच्चों से भी मिले पीएम।।

पिथौरागढ़: प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा- पीएम ने पहनी स्थानीय पोशाक,आदि कैलाश के किए दर्शन, बच्चों से भी मिले पीएम।।

प्रधानमंत्री मोदी आज उत्तराखंड दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की। इसके बाद पीएम मोदी ने गुंजी में रं समाज के स्टाल में पारंपरिक वस्तुएं और उत्पाद देखे। साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल भी बजाया। लोगों का हाथ हिलाकर स्वीकार अभिवादन किया।

<strong>पिथौरागढ़: प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा- पीएम ने पहनी स्थानीय पोशाक,आदि कैलाश के किए दर्शन, बच्चों से भी मिले पीएम।।</strong>

सीएम धामी ने पीएम को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे में दी जानकारी
पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नहीं आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे में जानकारी दी।<strong>पिथौरागढ़: प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा- पीएम ने पहनी स्थानीय पोशाक,आदि कैलाश के किए दर्शन, बच्चों से भी मिले पीएम।।</strong>

प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हैलीपेड से गुंजी के लिए रवाना हुए।

प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ़ गई है।

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पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है। भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।

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