अल्मोड़ा: चौखुटिया का जनाक्रोश..महिलाएं सड़कों पर उतरी, काले झंडे दिखाकर दी सरकार को चेतावनी

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चौखुटिया विकासखंड में शुक्रवार को सरकार की उपेक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ जनता सड़कों पर उमड़ पड़ी। बोल पहाड़ी, हल्ला बोल के गगनभेदी नारों ने पूरे क्षेत्र को आंदोलित कर दिया। विशाल जनसैलाब ने साफ कर दिया कि अब चौखुटिया की जनता स्वास्थ्य पर सरकार की नींद नहीं झेलने वाली।

रैली ने सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकार को लेकर अब खेल नहीं चलने दिया जाएगा। जनाक्रोश रैली की सबसे बड़ी ताकत रहीं सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिलाएं। मातृशक्ति ने काले झंडे लहराकर सरकार को सीधी चेतावनी दी। महिलाओं ने कहा कि उपजिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी, विशेषज्ञों का अभाव, प्रसव और आपातकाल के समय बढ़ती परेशानी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुजुर्गों और जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि चौखुटिया उपजिला अस्पताल की बदहाली सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़े करती है।
सुविधाएं देने की मांग
चौखुटिया के लोगों ने उप जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात करने, जांच सुविधाओं का को बढ़ाने, उपकरणों की कमी को दूर करने, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को स्थानीय अस्पताल में ही सुविधा देने की मांग की है। लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, यह खुद सरकार की उदासीनता का जीता-जागता प्रमाण है।

सरकार को दो-टूक चेतावनीअब नहीं रुकेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और व्यापक होगा, और जनसभा से लेकर धरना-प्रदर्शन तक हर कदम उठाया जाएगा। ऑपरेशन स्वास्थ्य लगातार बड़े जनसमर्थन के साथ अब एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

शांतिपूर्ण और दमदार रही रैली
रैली पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रही। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। स्वयं कोतवाल अशोक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस मौके पर भगवत सिंह, जीवन सिंह नेगी, चंदन सिंह ठाकुर, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, हेमा कठायत, विभिन्न ग्रामों के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, कांता रावत, मनीष कंडारी, गजेंद्र नेगी, राम देवी मौजूद रहे।

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बोले आंदोलनकारी-
सरकार जनता की आवाज को दबा नहीं सकती। यह हमारे अधिकारों की लड़ाई है। 25 वर्षों से सभी सरकारों ने चौखुटिया को ठगा है। -भुवन सिंह कठायत, मुख्य अनशनकारी

गेवाड़ की महिलाएं अब जाग गई है अब सरकार को जागना है। मातृशक्ति की की आवाज अब ऑपरेशन स्वास्थ्य को सफल बनाकर ही दम लेगी। -सरस्वती किरौला, जिला पंचायत सदस्य

यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी चौखुटिया वासियों को सड़कों में उतरना पड़ रहा है। सरकार की उदासीनता साफ साफ झलकती है। -मीना कांडपाल, सामाजिक कार्यकर्ता

स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। यह सरकार की घोर उदासीनता का प्रमाण है। सरकार अगर मांगों को गंभीरता से नहीं लेगी तो उग्र आंदोलन होगा। -अशोक कुमार, एडवोकेट


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