हल्द्वानी-भीमताल स्टेट हाईवे पर रानीबाग में पुल की एप्रोच रोड पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पहाड़ टूटकर गिर गया। सड़क से गुजर रहे कई वाहन इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। मलबा गिरने से रूट पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग पर एक घंटे जाम लगा रहा। बाद में गाड़ियों को ज्योलिकोट मार्ग से भेजा गया। भीमताल से रानीबाग पहुंच चुके कई वाहन भी वापस लौटकर ज्योलिकोट होते हुए हल्द्वानी पहुंचे।
शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे हल्की बारिश के बीच रानीबाग में करीब तीन साल पहले बने डबल लेन पुल की एप्रोच रोड पर पहाड़ी से मलबा गिरने लगा। बोल्डर और मलबे से सड़क के बंद हुई तो पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी गई। सूचना पर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता समेत भवाली खंड के एई-जेई मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क से मलबा हटाने का काम तेजी से करने के निर्देश दिए। बाद में रानीबाग के पुराने पुल (सिंगल लेन) से पहाड़ से उतरने वाले वाहनों को प्राथमिकता के साथ निकाला गया। फिलहाल इस मार्ग से दोपहिया सहित हल्के वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई है। भारी वाहन वाया ज्योलिकोट से भेजे जा रहे हैं। शाम तक दो जेसीबी व एक पोकलेन मलबा हटाने में लगी रहीं। मौके पर पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
यह है भूस्खलन का कारण
वर्ष 2022 में लोनिवि ने छह करोड़ की लागत से 60 मीटर लंबा डबल लेन पुल बनाया था। उस दौरान पुल की एप्रोच रोड के लिए सामने वाली पहाड़ी काटी गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार ढालनुमा की जगह पहाड़ी को खड़े काटे जाने से हर वक्त मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। बारिश के दौरान पानी रिसने से यह सड़क पर आ गिरा।
12 हजार से अधिक वाहन दौड़ते हैं रोजाना यहां से
189 किमी लंबे रानीबाग-भीमताल-पदमपुरी-लोहाघाट-पंचेश्चर स्टेट हाईवे-10 से रोजाना 12 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। यह मार्ग चंपावत और अल्मोड़ा जिले को भी जोड़ता है। स्टेट हाईवे के बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मलबा काफी आया है। रात नौ बजे तक पुल से एक लाइन पर यातायात शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। – पीएस बृजवाल, मुख्य अभियंता लोनिवि
लोगों से बातचीत
सड़क बंद होने से दुकानदारी पर असर पड़ा है। पहाड़ जाने वाले पर्यटक यहीं से गुजरते हैं। कमाई पर असर पड़ा है। – संजय नयाल, स्थानीय दुकानदार
मलबा गिरने से पहले कुछ लोग वहां फाेटो खींच रहे थे। दो बार कहने पर वह हटे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। – पवन बिष्ट, स्थानीय व्यापारी
बच्चे अमृतपुर में पढ़ते हैं। एक स्कूल बस पर पत्थर गिरने की सूचना मिली तो चिंता के कारण बच्चों को लेने आया हूं। – रोहित कुमार आर्य, जंतवाल गांव
यह स्टेट हाइवे पर्वतीय क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण है। लोनिवि को जल्द से जल्द इसे खोल राहत पहुंचानी चाहिए। – सतीश शर्मा, पूर्व प्रधान अमृतपुर
कुमाऊं में 51 सड़कें बंद, पिथौरागढ़ में सबसे अधिक
कुमाऊं में शुक्रवार को बारिश के दौरान मलबा आदि गिरने से 51 सड़कें बंद रहीं। इनमें पिथौरागढ़ जिले के सबसे अधिक 25 मार्ग शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतर ग्रामीण मार्ग बंद होने के कारण लोगों का शहरों से संपर्क कट गया है। लोनिवि की ओर से मिली जानकारी के अनुसार बागेश्वर में 22, अल्मोड़ा में तीन और चंपावत में एक मार्ग बंद है। इन रास्तों को खोलने के लिए कार्यदायी संस्थाओं की ओर से जेसीबी आदि लगाई हैं।
सड़कों को 38.85 करोड़ का नुकसान
मानसून काल में पांच जून से अब तक कुमाऊं में बंद हुईं सड़कों को खोलने में 5.93 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है। क्षतिग्रस्त सड़कों को पहले जैसी स्थिति में लाने के लिए विभाग की ओर से 38.85 करोड़ का आगणन तैयार किया है।
एक पुल बहा, दूसरा क्षतिग्रस्त
कुमाऊं में बारिश से पुलों को भी नुकसान हुआ है। अल्मोड़ा के सल्ट में हिनौला काने खलपाटी मोटर मार्ग पर बना पुल क्षतिग्रस्त है। धारचूला में सोबला से उमचिया मोटर मार्ग 36 मीटर का पुल बह गया है। प्रदेश में शुक्रवार को लोनिवि की 87, पीएमजीएसवाई की 131 व बीआरओ की एक सड़क बंद है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बंद ग्रामीण मार्गाें को तत्काल खोलने के निर्देश अभियंताओं को दिए गए हैं। इसके लिए जेसीबी, पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। – पीएस बृजवाल, मुख्य अभियंता लोनिवि
नैनीताल रोड पर हुई हल्की बारिश, तापमान गिरा
सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर के समय नैनीताल रोड पर हल्की बारिश भी रही। मौसम विभाग ने पर्वतीय इलाकों में कहीं कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़ककर 30.3 और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा।







