दर्दनाक हादसा: गर्भवती महिला का 50 दिन बाद जंगल में मिला कंकाल, पति व अन्य 5 के खिलाफ पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

Spread the love

थौलधार ब्लॉक के नगुण पट्टी के जामणी गांव से लापता चल रही एक विवाहिता का कंकाल 50 दिन बाद गांव के समीप जंगल में झाड़ियों के बीच मिला। महिला की शिनाख्त परिजनों ने उसके कपड़ों से की है। मृतका तीन-चार माह की गर्भवती बताई जा रही है। मायके पक्ष के लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल मेें जुट गई है। जामणी गांव निवासी गबर सिंह ने बीते पांच अगस्त को अपने ससुराल वालों को पत्नी सरस्वती देवी (27) के लापता होने की सूचना दी।

इस पर धनोल्टी सिंजल गांव निवासी सरस्वती देवी के पिता और अन्य रिश्तेदार अगले दिन जामणी गांव पहुंचे लेकिन उससे कुछ देर पहले ही महिला के पति ने तहसील कंडीसौड़ पहुंच कर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्जा करवा दी थी। ससुराल और मायके पक्ष के लोगों ने सरस्वती की ढूढ़खोज की लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई।

कहीं पता नहीं चलने पर ससुराल पक्ष ने डीएम से मामले की जांच राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंपने की मांग की। 19 अगस्त को जिला प्रशासन ने जांच थत्यूड़ सौंपकर कार्रवाई के निर्देश दिए। काफी खोजबीन के बावजूद महिला का पता नहीं चल पाया।
झाड़ियों के बीच दिखा कंकाल
बीती शनिवार शाम को गांव की कुछ महिलाएं चारापत्ती के लिए जंगल जा रही थी। तभी उन्हें गांव से 500 मीटर दूर झाड़ियों के बीच कंकाल दिखाई दिया। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। महिला के पिता विजयपाल और पति गबर सिंह ने कपड़ों के आधार पर बताया कि यह कंकाल सरस्वती देवी का ही है। पंचनामा भरकर पुलिस ने कंकाल को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा।

और पढ़े  रुड़की- पहली बार छह लाख छात्रों को निशुल्क कॉपियों का उपहार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिलेगा लाभ

Spread the love
  • Related Posts

    अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग…PG छात्र ने MBBS के विद्यार्थियों को किया परेशान, एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आज

    Spread the love

    Spread the loveसोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान और शोध संस्थान (अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज) में रैगिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पीजी छात्र ने एमबीबीएस बैच 2023…


    Spread the love

    उत्तराखंड- मदरसों का अस्तित्व केवल बोर्ड पर निर्भर, ये मान लेना सही नहीं, सरकार के फैसले पर जमीअत का बयान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के संबंध में बुधवार को जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने बयान जारी किया। उन्होंने इस कानून के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने और…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *