ऑपरेशन सिंदूर….भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है- प्रधानमंत्री मोदी 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जालंधर के आदमपुर एयरबेस का दौरा कर जवानों का हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं है। यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है। भारत गौतम बुद्ध की धरती है, तो गुरु गोविंद सिंह की भी धरती है। सवा लाख से एक लड़ाऊं। अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए शस्त्र उठाना हमारी परंपरा है।

 

दुश्मन के फन को उसके घर में जाकर कुचला: पीएम
उन्होंने कहा, जब हमारी बहन-बेटियों का सिंदूर छिना गया, तब हमने आतंकियों के फन को उनके घर में घुसकर कुचल दिया। वो कायर की तरह छिपते रहे, वो भूल गए कि उन्होंने जिसे ललकारा है, वह हिंद की सेना है। आपने उन्हें सामने से हमला करके मारा। आपने आतंक के तमाम बड़े अड्डों को मिट्टी में मिला दिया। नौ आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए। सौ से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। आतंक के आकाओं को अब समझ आ गया है कि भारत की ओर नजर उठाने का एक ही अंजाम होगा- तबाही।

 

क्लियर ब्लैकमेल की हवा निकाल देती है हमारी फौज
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, जब भारत के सैनिक मां भारती की जय बोलते हैं, तो दुश्मन के कलेजे कांप जाते हैं। जब हमारी मिसाइलें सनसनाती हुईं निशाने पर पहुंचती हैं, तब दुश्मनों को सुनाई देता है- भारत माता की जय। जब रात के अंधेरे में भी हम सूरज उगा देते हैं तो दुश्मन को दिखाई देता है- भारत माता की जय। जब हमारी फौजें न्यूक्लियर ब्लैकमेल की धमकी हवा निकाल देती है तो आकाश से पाताल तक एक ही बात गूंजती है- भारत माता की जय।

‘आज हर देशवासी आपका कृतज्ञ और ऋणी’
उन्होंने आगे कहा, आपके पराक्रम की वजह से आज ऑपरेशन सिंदूर की गूंज हर कोने में सुनाई दे रही है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हर भारतीय आपके साथ खड़ा रहा। हर भारतीय की प्रार्थना आप सभी के साथ रही। आज हर देशवासी अपने सैनिकों, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ है, उनका ऋणी है।

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‘दशकों बाद भी भारतीय सेना के पराक्रम की होगी चर्चा’
प्रधानमंत्री ने कहा, आप सभी ने कोटि-कोटि भारतीयों का सीना चौड़ा कर दिया। हर भारतीय का माथा गर्व से ऊंचा कर दिया। आपने इतिहास रच दिया। मैं सुबह-सुबह आपके बीच आया हूं आपके दर्शन करने के लिए। जब वीरों के पैर जमीन पर पड़ते हैं तो धरती धन्य हो जाती है। आज से अनेक दशक बाद भी जब भारत के पराक्रम की चर्चा होगी तो उसके सबसे प्रमुख अध्याय आप और आपके साथी होंगे। आप सभी वर्तमान के साथ ही देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नई प्रेरणा बन गए हैं। मैं वीरों की इस धरती से वायुसेना, थलसेना, नौसेना के सभी जांबाजों और देश के शूरवीरों को सैल्यूट करता हूं।


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