उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें सुधार कराने के लिए शहर के बैंकों और डाकघरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
दरअसल, राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चों को लंबी कतारों और समय की बर्बादी से मुक्ति मिलेगी।
लखनऊ से इसकी शुरुआत हो चुकी है और ग्रामीण अब अपने गांव में ही आधार कार्ड बनाने और उसमें सुधार कराने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। जल्द से ये सुविधा पूरे राज्य में लागू हो जाएगी।
ग्रामीणों को होती थी ये समस्याएं
- अक्सर ग्रामीणों को सुबह-सुबह मुख्य डाकघर या बैंक जाकर टोकन लेना पड़ता था।
- निर्धारित तिथि पर लौटकर सुधार करवाना पड़ता था, जिससे लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता।
- बुजुर्ग और बच्चे भी इस प्रक्रिया में शामिल होते थे, जिससे उन्हें अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था।
- छोटे-मोटे सुधार के लिए भी शहर भागना पड़ता था, जो समय, पैसा और ऊर्जा की बर्बादी का कारण बनता था।
पहली शुरुआत लखनऊ से
- इस योजना की शुरुआत राजधानी लखनऊ से की गई है।
- सरोजनीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ‘भटगवां पांडेय’ और चिनहट ब्लॉक की ग्राम पंचायत ‘सैरपुर’ में आधार केंद्र शुरू किए गए हैं।
- अब यहां क ग्रामीण अपने गांव में ही आधार कार्ड बनवाने और उसमें सुधार कराने की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
- समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
प्रदेश स्तर पर विस्तार की योजना
- पंचायती राज विभाग ने इस योजना को पूरे प्रदेश में फैलाने का रोडमैप तैयार किया है।
- पहले चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवाएं शुरू की जाएंगी।
- बाद में इसे पूरे प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा।
- योजना का उद्देश्य ग्रामीण जनता को अपने गांव में ही आधार कार्ड बनाने और सुधार कराने की सुविधा देना है।
पंचायत सहायकों की भूमिका
- गांवों में आधार कार्य को सही ढंग से करने के लिए पंचायत सहायकों को जिम्मेदारी दी गई है।
- अब तक 800 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
- ये सहायकों डिजिटल उपकरण और प्रशिक्षण के साथ ग्रामीणों की मदद करेंगे।
- उनका लक्ष्य है कि ग्रामीणों को आसान और सुविधाजनक आधार सेवा उपलब्ध हो।
ग्रामीणों के लिए फायदेमंद
- इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र की जनता को लंबी कतारों और शहर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
- ये योजना ग्रामीण जीवन को सरल बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ गांव में ही पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







