इवेंट मैनेजर का कत्ल- रुपये देने से इनकार…कार भी ठोकी, फिजियोथेरेपिस्ट ने मफलर से कसा गला, पूरी कहानी…

रेली में इवेंट मैनेजर पूजा राना की हत्या के आरोपी विमल दिवाकर ने पुलिस की पूछताछ में पूरी कहानी बयां कर दी। उसने दावा किया कि वह और पूजा दोनों नशे में थे। पूजा ने उसके रुपये देने से इन्कार कर दिया और फिर उसकी कार खुद चलाकर दो-तीन जगह टक्कर मार दी तो उसे गुस्सा आ गया। उसने मफलर से गला कसकर पूजा की हत्या कर दी। फिर खुद को बचने के लिए गलतियां करता और निशान छोड़ता रहा।

पैर में गोली लगने के बाद घायल विमल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूछताछ में उसने एसपी सिटी को बताया कि वह 27 वर्ष का है, जबकि पूजा 30 साल की थी। फिजियोथेरेपिस्ट का काम नहीं चला तो दो साल से वह भी इवेंट मैनेजमेंट के धंधे में आ गया था। 

 

पूजा के पास था लड़के व लड़कियों का बड़ा ग्रुप
पूजा कई साल से यह काम कर रही थी। पूजा के पास लड़के व लड़कियों का बड़ा ग्रुप था जो शादी समारोहों में वेटर आदि का काम करते थे। साथ में कई कार्यक्रम किए तो पेशेवर रिश्ता था, इसमें प्रेम प्रसंग जैसा कुछ नहीं था।

 

विमल ने बताया कि 12 जनवरी को डोहरा रोड के एक बरातघर में इवेंट था। अपराह्न तीन बजे पूजा उससे मिली। वह अपनी आई-20 कार से था। दोनों रामगंगानगर की निर्माणाधीन कॉलोनी के पास कार घुमाते रहे। उसके पास कुछ बीयर थीं, जिसे दोनों ने पी ली।

 

दो-तीन बार पूजा ने कार को ठोका
पूजा को सुरूर चढ़ा तो उसे हटाकर वह कार चलाने लगी। इस दौरान पूजा ने दो-तीन बार कार को कभी दीवार तो कभी पेड़ से टकरा दिया। इससे वह घबरा गया। इससे पहले उसने पूजा पर बकाया अपने 25 हजार रुपये मांगे तो उसने हिसाब बराबर होने की बात कही।

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तब वह सिगरेट पीने के बहाने उतरा और पूजा लघुशंका के लिए। इस दौरान अंधेरा हो चुका था। वापस कार में आया तो उसने ड्राइवर सीट कब्जा ली। पूजा को मजबूरी में बराबर की सीट पर बैठना पड़ा। कार थोड़ा बढ़ी तो पूजा को झपकी सी आने लगी। तब उसने अपने मफलर से उसका गला कस दिया।

 

काफी देर शव को कार में लेकर घूमता रहा आरोपी
पूजा निढाल होकर सीट पर गिरी तो उसने देखा कि उसकी सांसें थम चुकी हैं। तब उसका नशा काफूर हो गया। वह काफी देर शव को कार में लेकर घूमता रहा। फिर रिठौरा-भोजीपुरा मार्ग से काफी अंदर जाकर निर्जन स्थान पर शव दफना दिया।

 

इवेंट मैनेजर पूजा की हत्या, साथी फिजियोथेरेपिस्ट गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
बरेली में 12 जनवरी से लापता बारादरी इलाके की निवासी इवेंट मैनेजर पूजा राना (30) की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के आरोप में फिजियोथेरेपिस्ट विमल को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। शव का पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया।

 

आरोप है कि रुपये व जेवर लूटने की खातिर हत्या की गई। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी है। पोस्टमार्टम हाउस पर मिले प्रेम सिंह राना ने बताया कि उनकी बेटी पूजा शादी-विवाह व अन्य इवेंट कराती थी।
वह 12 जनवरी को अपनी मां महेंद्र देवी और बहन शालिनी से एक इवेंट में जाने की बात कहकर घर से निकली थी। रात में वह घर नहीं लौटी। ऐसा अक्सर हो जाता था, लेकिन उसका फोन बंद होने से परिजन परेशान हुए। दूसरे दिन रात में पुलिस को सूचना दी तो गुमशुदगी दर्ज की गई।

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दो फुट गहराई में दबा था पूजा का शव 
बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि बरातघर के पास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पूजा के सहयोगी हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव बढ़ेपुरा खोह निवासी विमल को हिरासत में लिया। सख्ती की गई तो विमल ने रिठौरा-भोजीपुरा मार्ग से एक किमी अंदर ले जाकर दो फुट गहराई में दबा पूजा का शव बरामद कराया।

उसी की निशानदेही पर पुलिस ने पीलीभीत के पूरनपुर की शारदा नहर से पूजा की स्कूटी बरामद की। वहां से लौटकर रामगंगा नगर कॉलोनी के पास मोबाइल फोन बरामद कराने के दौरान विमल ने झाड़ी से तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो विमल के पैर में गोली लगी। पूजा के शव का शुक्रवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पूजा के साथी विमल ने ही गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। विमल ने कबूल किया कि पूजा पर उसके 25 हजार रुपये निकल रहे थे। कार में साथ खाने-पीने के दौरान उन्हीं रुपयों को लेकर बहस के बाद उसने मफलर से पूजा का गला दबा दिया। मफलर भी पूजा के शव के पास से बरामद हो गया है। विमल के साथ हत्या में कौन सहयोगी था, इसकी जानकारी की जा रही है। – मानुष पारीक, एसपी सिटी
पिता बोले- बेटों से ज्यादा कामयाब थी बेटी, होली बाद होनी थी शादी
पोस्टमॉर्टम हाउस पर पूजा के पिता प्रेम सिंह राना फफक रहे थे। उन्होंने बताया कि वह पल्लेदारी करते हैं। उनके चार बच्चों में पूजा तीसरे नंबर की थी। बाकी तीन की शादी हो चुकी है। पूजा बचपन से ही जिम्मेदार थी। उसने परिवार की तरक्की के लिए अपनी शादी बाद में करने का फैसला लिया था।
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इवेंट के व्यवसाय में उसका काफी नाम था और बड़े आयोजनों का ठेका लेती थी। उन्होंने भी उसकी शादी का फैसला उसके ऊपर छोड़ दिया था। कपड़े का व्यवसाय करने वाले पंजाबी युवक से पूजा होली बाद शादी करने वाली थी। दोनों ही परिवारों की इसमें सहमति थी। इससे पहले यह घटना हो गई। बताया कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि जवान बेटी की लाश का वजन अपने कंधे पर कैसे उठा सकेंगे।
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