नोएडा इंजीनियर मौत मामला- NGT ने लिया स्वत: संज्ञान… 5 अधिकारियों को नोटिस जारी, 10 अप्रैल को अगली सुनवाई

Spread the love

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की वॉटरलॉगिंग में डूबने से हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) ने स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों के आधार पर एनजीटी ने नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) और सिंचाई विभाग सहित पांच अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

नोएडा के सेक्टर-150 में एक ट्रेंच स्थायी तालाब में बदल गई है, जिससे प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2015 की स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट योजना लागू न होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। हेड रेगुलेटर न लगने से वर्षों से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। एनजीटी ने इस योजना के कार्यान्वयन में देरी पर चिंता जताई है।

 

अदालत ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। सुनवाई के दौरान एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने माना कि यह मामला पर्यावरण संरक्षण कानून, 1986 के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।

ऐसे में मामले में पीठ ने नोएडा अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, पर्यावरण विभाग और गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट को पक्षकार बनाया है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगली सुनवाई से पहले हलफनामे के जरिए अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 को होगी।

यह मामला 20 जनवरी 2026 को एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया। इसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता कोहरे के कारण रास्ता भटक गए और पानी से भरी गहरी खाई में गिरने से उनकी मौत हो गई, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ था। वह जमीन पहले एक निजी मॉल परियोजना के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन पिछले करीब दस वर्षों से वहां बारिश का पानी और आसपास की हाउसिंग सोसाइटियों का गंदा पानी जमा होता रहा, जिससे वह जगह एक बड़े तालाब में बदल गई।

और पढ़े  अयोध्या।- पेट्रोल पंप संचालक के बेटे ने रचा सफलता का नया अध्याय

जांच में यह भी सामने आया कि सिंचाई विभाग ने वर्ष 2015 में तूफानी पानी को हिंडन नदी में छोड़ने के लिए एक रेगुलेटर बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए 2016 में नोएडा अथॉरिटी से 13.05 लाख रुपये भी मिले, लेकिन इसके बावजूद यह योजना जमीन पर लागू नहीं हो सकी। यही नहीं, रेगुलेटर न बनने के कारण बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पाया, जिससे इलाके में भारी जलभराव हो गया। आसपास की कई हाउसिंग सोसाइटियों के बेसमेंट तक पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति के लिए नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। 

बता दें कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 के पास एक दर्दनाक हादसे में हुई, जिसमें उनकी कार पानी में डूब गई। एनडीआरएफ की टीम ने घटना के लगभग तीन दिन बाद पानी में डूबी हुई कार को बाहर निकाला। कार के शीशे और सनरूफ टूटे हुए पाए गए, जो संभवतः पानी के अत्यधिक दबाव के कारण हुआ होगा।

इस मामले में, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटा दिया गया है, जो जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) पहले ही नोएडा पहुंच चुकी है और इंजीनियर युवराज की मौत के मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, SIT टीम नोएडा अथॉरिटी में भी जांच के लिए पहुंची है।

नॉलेज पार्क पुलिस ने दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद, निवासी फ्लैट नंबर डी-76, मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट, सेक्टर 21(डी), फरीदाबाद, हरियाणा और सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल, निवासी फ्लैट नंबर बी-6, बिल्डिंग नंबर ए-11, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन 2, साहिबाबाद, गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने इन दोनों को एक मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है।

और पढ़े  प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद,मोदी, शाह और अडानी ने खत्म किया रोजगार- राहुल

Spread the love
  • Related Posts

    राममंदिर CEO पद के इंटरव्यू में आवेदकों से पूछे ये सवाल- शराब पीते हैं, मांसाहारी हैं, जनेऊ पहनते हैं?’

    Spread the love

    Spread the loveश्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए मंगलवार, 11 अगस्त को इंटरव्यू शुरू हुए। पहले दिन तीन पूर्व भारतीय…


    Spread the love

    बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 लाख का माल दो लाख में दर्शाया, सहायक आयुक्त समेत 3 अफसरों पर भ्रष्टाचार केस

    Spread the love

    Spread the loveरेलवे की पार्सल बोगी में फर्जी कागजात से माल दूसरे राज्यों में भेजकर जीएसटी चोरी के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। ट्रांसपोर्टर के साथ जीएसटी अधिकारियों की…


    Spread the love