हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज परिवर्तन कर नवीन ध्वज विधि-विधान के साथ आरोहित किया गया। शुक्रवार को ट्रस्ट की ओर से सुबह लगभग नौ बजे इसकी सूचना ग्रुप में दी गई।
मंदिर व्यवस्था से जुड़े विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे ने बताया कि परंपरा के अनुसार विशेष अवसरों पर मंदिर के ध्वज को बदला जाता है। नववर्ष के शुभारंभ पर ध्वज परिवर्तन को शुभ संकेत माना जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
राष्ट्रपति ने की श्रीराम यंत्र की स्थापना
इसके पहले बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भव्य राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने यंत्र की प्रथम आरती उतारी। इस दौरान जय श्रीराम के उद्घोष, शंखध्वनि और घंटों की नाद से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। मंदिर के दूसरे तल पर अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:17 बजे श्रीराम यंत्र का पूजन करने के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर पहुंचीं। यहां रामपरिवार की आरती उतारी। फिर भूतल में रामलला दरबार में हाजिरी लगाई। श्रीराम यंत्र स्थापना के समय राष्ट्रपति के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहे।







