नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस बात से इनकार किया है कि उनकी सरकार ने 8 सितंबर को आंदोलन के पहले दिन ‘जेन-जी’ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश दिया था, जिसमें तकरीबन 19 लोग मारे गए थे। बता दें कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के अध्यक्ष ने इसके बजाय घुसपैठियों को इस त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया।
पूर्व पीएम ओली ने संदेश जारी कर किया दावा
पूर्व पीएम ओली ने देश के संविधान दिवस पर जारी एक संदेश में दावा किया, ‘सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश नहीं दिया था।’ इस दौरान उन्होंने ये भी दावा किया, ‘प्रदर्शनकारियों पर स्वचालित बंदूकों से गोलियां चलाई गईं, जो पुलिसकर्मियों के पास नहीं थीं, और इसकी जांच होनी चाहिए।”
शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में घुसपैठ का दावा करते हुए, सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ने कहा, ‘घुसपैठ करने वाले षड्यंत्रकारियों ने आंदोलन को हिंसक बना दिया, और इस तरह हमारे युवा मारे गए।’ जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए, ओली ने घटना की जांच की मांग की।








