नैनीताल: मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत संवरेगा प्रसिद्ध हनुमानगढ़ मंदिर

 

 हनुमानगढ़ मंदिर अब मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत और भी भव्य स्वरूप में नजर आएगा। लगभग 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर में सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे।

बाबा नीब करौली ने वर्ष 1950 में नैनीताल से तीन किलोमीटर दूर हनुमानगढ़ में मंदिर स्थापित किया। 1953 में यहां हनुमान जी की बड़ी मूर्ति लाई गई। वर्ष 1955 में यहां राम मंदिर और 1956-1957 में शिव मंदिर का निर्माण करवाया। इसके पास शीतला माता का मंदिर और लीला शाह बापू का आश्रम भी स्थित है जहां वर्ष भर सैलानी पहुंचते हैं। मानसखंड के तृतीय चरण में हनुमानगढ़ को शामिल किया गया। इसी क्रम में लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने अभियंताओं के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया था और यहां होने वाले कार्यों के संबंध में मंदिर प्रबंधन से वार्ता की।
ये कार्य होंगे

मानसखंड मिशन के तहत मंदिर के पास विशाल भव्य गेट, वाहनों की पार्किंग, रास्ते का चौड़ीकरण, समीप से जाने वाले पैदल मार्ग का सौंदर्यीकरण, मंदिर के चारों ओर सुरक्षा दीवार, यात्रा मार्ग पर श्रद्धालु विश्राम स्थल, अत्याधुनिक शौचालय निर्माण आदि किया जाना है।

हनुमानगढ़ के मानसखंड में शामिल होने पर कंसलटेंसी की निविदा हो चुकी है। क्षेत्र का निरीक्षण कर मंदिर प्रबंधन समिति से वार्ता भी हुई। विस्तृत डीपीआर के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। -रत्नेश सक्सेना अधिशासी अभियंता लोनिवि

हनुमानगढ़ का मानसखंड में शामिल होना है। मंदिर समिति ने मंदिर की शुरुआत में भव्य गेट, पार्किंग, यात्रा मार्ग पर विश्राम स्थल आदि के सुझाव संबंधित अधिकारियों को दिए गए। -एमपी सिंह प्रबंधक हनुमानगढ़ मंदिर

और पढ़े  देहरादून: ईवीएम-वीवीपीएटी को लेकर बैठक: मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निदेश, सभी मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करें अफसर
  • Related Posts

    उत्तराखंड- हेलीकॉप्टर क्रैश, बदरीनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर की क्रैश होने की सूचना,ड्रोन से तलाश

    बदरीनाथ से लौटते समय एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने की खबर है। पायलट से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब ड्रोन से…

    उत्तराखंड: सदन से घर तक की दौड़, चांद के दीदार की होड़, 1 घंटे के भीतर विधानसभा परिसर में पसर गया सन्नाटा

    ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दो दिन के सत्र को लेकर खासी जल्दबाजी का माहौल नजर आया। दूसरे दिन तो सुबह से ही कयासबाजी लगने लगी कि कितने बजे…