उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से चल रहा निहंगों का हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार को भी जारी रहा। जिला प्रशासन और निहंगों के बीच तीन दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद देर शाम फिर वार्ता के बाद निहंग माने और 27 घंटे बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को भी छोड़ दिया है। एक निहंग अकाल सिंह भी नीचे आ गए हैं। अभी छह निहंग अंदर हैं, जिनसे वार्ता की जा रही है।
तैनात रही पुलिस और आईटीबीपी
इंटरनेट सेवा रही बंद, संचार व्यवस्था प्रभावित
सीसीटीवी तोड़े, पानी की सप्लाई रोकी
कब क्या हुआ पल पल का घटनाक्रम
- शनिवार 4 बजे: सात निहंग दो लोगों को साथ लेकर गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर चढ़ गए।
- शाम 5 बजे: कमरों से गद्दे, रजाई और अन्य सामान निकालकर प्रवेश मार्ग अवरुद्ध किए गए।
- शाम 6 बजे: गुरुद्वारे के भीतर तनाव बढ़ना शुरू हुआ।
- शाम 7 बजे: गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने वार्ता का प्रयास किया।
- रात 8 बजे: निहंगों ने जयकारों के उद्घोष शुरू किए।
- रात 9 बजे: पुलिस और आईटीबीपी ने गुरुद्वारे की घेराबंदी की।
- रात 10 बजे: क्षेत्रीय लोगों और निहंगों के बीच विवाद बढ़ा।
- रात 11 बजे: गुरुद्वारे की पेयजल आपूर्ति बाधित हुई।
- रात 12 बजे: ऊपरी मंजिलों में लगे कई बिजली के बल्ब तोड़ दिए गए।
- रात 1 बजे: सुरक्षा कारणों से अधिकांश स्थानीय लोग क्षेत्र छोड़कर घर लौट गए।
- रात 2 बजे: निहंगों ने दोबारा शोर-शराबा किया और छत की ईंट की दीवार को नुकसान पहुंचाया।
- रात 3 बजे: गुरुद्वारे की दीवारों पर लगी टाइलें उखाड़ी गईं।
- रात 3:30 से सुबह 5:30 बजे तक: सड़क और वाहनों पर पत्थर फेंके गए। इसके बाद पुलिस ने अपने वाहनों को हटाया
- रविवार सुबह 6 बजे: हालात कुछ शांत हुए।
- रविवार शाम 4 बजे तक: गुरुद्वारे में गतिरोध बना रहा और सुरक्षा बल मौके पर तैनात है।
- रात करीब आठ बजे निहंग प्रशासन से वार्ता के बाद मानें।







