मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा सदन में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे। यह बजट 4.70 लाख करोड़ का हो सकता है। माना जा रहा है कि इस बार का बजट कई मायनों में खास होगा, क्योंकि सरकार पहली बार “रोलिंग बजट” पेश कर रही है। यानी केवल एक साल नहीं, बल्कि अगले तीन वर्षों का वित्तीय खाका पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर कई अहम घोषणाएं कर सकती है। राज्य में लगभग 50 हजार रिक्त सरकारी पदों को भरने का ऐलान संभव है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए परीक्षा प्रणाली में बदलाव की भी घोषणा हो सकती है।
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट आज पेश करेंगे। इसपर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह मोहन सरकार का तीसरा बजट होगा। इस बजट में पंचायत और निकाय चुनावों की स्पष्ट झलक दिखने की संभावना है।
मोहन सरकार को तीसरा पूर्ण बजट
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा मोहन सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश करेंगे। बता दें नीमच जिले के रामपुरा गांव में जन्मे 66 वर्षीय देवड़ा इससे पहले शिवराज सिंह चौहान सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं। देवड़ा विधि स्नातक हैं और उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से एमए तथा एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। देवड़ा छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और पहली बार 1990 में विधानसभा पहुंचे।
कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लाए जाने की चर्चा है। प्रस्तावित योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 35 लाख रुपए तक का कैशलेस कवर मिल सकता है। सामान्य बीमारियों के लिए अलग से सीमा तय की जा सकती है। इस योजना का लाभ कर्मचारियों के परिवार को भी मिल सकता है। वर्ष 2026 को सरकार कृषि वर्ष के रूप में मना रही है। ऐसे में कृषि क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता मिलने के संकेत हैं। हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम हो सकता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सके। सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए जल संसाधन और नर्मदा घाटी परियोजनाओं में अतिरिक्त निवेश का प्रावधान किया जा सकता है। फसल बीमा, शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण और किसान कल्याण योजनाओं को जारी रखने की संभावना है।
सार्वजनिक परिवहन सेवा की शुरुआत
शहरी क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए सहकारी मॉडल पर आधारित “सहकार टैक्सी सेवा” शुरू करने का प्रस्ताव भी सामने आ सकता है। इसे निजी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवा की अप्रैल में शुरुआत होने जा रही है। बजट में इसके लिए प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही सिंहस्थ के लिए भी सरकार बजट में राशि आवंटित कर सकती है।
सड़क समेत बुनियादी ढांचे बढ़ाने पर जोर
वित्तीय मोर्चे पर सरकार के सामने वेतन, पेंशन, ब्याज भुगतान, सामाजिक योजनाओं और सब्सिडी का बड़ा खर्च है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने और पूंजीगत व्यय को मजबूत करने पर जोर रहने की संभावना है। सड़कों, पुलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी ढांचे पर बड़े निवेश की तैयारी है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले। शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में भी नई घोषणाएं संभव हैं। नए स्कूलों की स्थापना, संस्थानों के उन्नयन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।









