लौटा मानसून: केरल से लेकर कश्मीर तक झमाझम मानसूनी बरसात, अगले 2 दिन पूरे देश में भारी बारिश का अलर्ट

 

कुछ दिन के ठहराव के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून पटरी पर लौट आया है। सोमवार को मानसून दक्षिण पश्चिम मध्य प्रदेश तक पहुंच गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात व मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों तक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पश्चिमी हिमालयी राज्यों में मानसून पूर्व और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश और मुंबई से लेकर केरल तक झमाझम मानसूनी बारिश हो रही है। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव हो गया है और रेल व हवाई सेवा भी प्रभावित हुई है। अगले दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर गुजरात के लिए रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों के लिए ऑरेंज और जम्मू-कश्मीर समेत 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मानसून के सक्रिय होने से इस हफ्ते पूरे मध्य भारत तक बारिश होने की संभावना है। इससे तपती गर्मी से राहत मिलेगी। आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को मॉनसून की बारिश ने लगभग पूरे पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र को कवर कर लिया और पड़ोसी गुजरात और मध्य प्रदेश में भी प्रवेश कर गया। एक अन्य मौसम अधिकारी ने बताया कि मानसून ने अपेक्षित गति पकड़ ली है और अगले दस दिनों में पश्चिमी तट, मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। मध्य भारत में अगले 4-5 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस गिरावट आने की संभावना है।

और पढ़े  टीवी एंकर चेंग लेई ने तीन साल जेल में गुजारा अमानवीय जीवन, अब पूरी दुनिया को कर रहीं आगाह?

 

आज और कल इन राज्यों में अलर्ट
आईएमडी ने 17 और 18 जून को पूरे देश में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। गुजरात के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल और असम को छोड़कर पूर्वोत्तर के सभी छह राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। असम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है।

मुंबई में कई इलाके जलमग्न
मायानगरी मुंबई में सोमवार को मूसलाधार बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए और सड़क यातायात, उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवा और मेट्रो रेल सेवाएं बाधित हुईं। हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। महानगर में औसतन 100 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई। मंगलवार को समुद्र में ऊंची लहरे उठने की चेतावनी भी जारी की गई है। कई जगह तेज हवाएं भी चलीं और ओवरहेड तारों पर प्लास्टिक शीट गिरने से घाटकोपर-अंधेरी-वर्सोवा लाइन पर मेट्रो सेवा प्रभावित हुई। महानगर में 1 जून के बाद से वर्षा जनित घटनाओं में 18 लोगों की मौत भी हो गई है।

इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी
मुंबई में भारी बारिश के बीच इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रवेल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से बदलते शेड्यूल के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। यात्रियों से कहा गया है कि वे अपने विमान पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं। इंडिगो ने एक्स पर लिखा है कि इस समय मुंबई में भारी बारिश हो रही है जिससे उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किए जा रहे हैं। उड़ान में संभावित देरी के लिए तैयार रहें और अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय दें।

और पढ़े  PM मोदी की तीन घंटे की क्लास: राज्यमंत्रियों पर सवालों की बौछार, पूछा- विकसित भारत के लिए खुद क्या किया?

उत्तरी केरल में बारिश का कहर, रेल सेवा बाधित
रेड अलर्ट के बीच उत्तरी केरल में हुई भारी बारिश से आम जनजीवन के साथ ही सड़क और रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। नदियों का जल स्तर बढ़ गया और जलाशय भी लबालब भर गए। कन्नूर और कासरगौड़ा जिलों में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में भरने से कई लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। कन्नूर में लोगों को घुटनों से ऊपर तक पानी के बीच गुजरते देखा गया। कासरगोड में तेजस्विनी पूझा सहित प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण अधिकारियों ने जल निकायों में जाने के खिलाफ चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने पहले ही कहा था कि मानसून के सक्रिय होने से केरल के साथ ही लक्ष्यद्वीप में भारी बारिश होगी।
  • Related Posts

    ब्रिक्‍स सम्‍मेलन- बस कुछ ही देर में शुरू होगी शिखर सम्मलेन की बैठक, राष्ट्राध्यक्षों के पहुंचने का हो रहा इंतजार

    भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर दिल्ली गए हैं। जिनपिंग इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत…

    पता नहीं अपने आप को G7 क्यों कहते हैं?: पुतिन ने पश्चिमी देशों पर कसा तंज, समझाया ब्रिक्स कैसे बना ताकतवर