एलान- फडणवीस सरकार के मंत्री का एलान- ‘औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद शहर का नाम बदलकर रत्नापुर रखा जाएगा’

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हाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर मचे बवाल के बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार के मंत्री ने खुल्ताबाद शहर का नाम बदलने का एलान कर दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा है कि मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र वाले खुल्ताबाद शहर का नाम बदलकर रत्नापुर रखा जाएगा।

सामाजिक न्याय मंत्री, राज्य के कुछ अन्य नेता और दक्षिणपंथी संगठन छत्रपति संभाजीनगर शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर खुल्ताबाद से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हैं। औरंगजेब, उसके बेटे आजम शाह, निजाम आसफ जाह और कई अन्य लोगों की कब्रें इस इलाके में स्थित हैं।

‘औरंगजेब की कब्र के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं’
इससे पहले पिछले महीने शिरसाट ने कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज को प्रताड़ित करने और उनकी हत्या करने वाले क्रूर सम्राट औरंगजेब की कब्र के लिए महाराष्ट्र में कोई जगह नहीं है। पिछले हफ्ते ही पत्रकारों से बात करते हुए शिरसाट ने कहा था कि छत्रपति संभाजीनगर को पहले खड़की के नाम से जाना जाता था और बाद में इसका नाम बदलकर औरंगाबाद कर दिया गया।

‘रत्नापुर का नाम बदलकर खुल्ताबाद कर दिया गया था’
शिवसेना नेता ने कहा, ‘खुल्ताबाद को पहले रत्नापुर के नाम से जाना जाता था। औरंगजेब के शासनकाल में कई जगहों के नाम बदले गए थे। हम खुल्ताबाद का नाम बदलकर रत्नापुर करने जा रहे हैं।’ छत्रपति संभाजीनगर जिले के संरक्षक मंत्री ने कहा, ‘हम उन सभी जगहों के नाम बदलने की प्रक्रिया चला रहे हैं, जिनके नाम उचित नहीं हैं। जैसे- औरंगाबाद। औरंगजेब के शासनकाल में रत्नापुर का नाम बदलकर खुल्ताबाद कर दिया गया था।’

सरकार स्मारक बनाने को लेकर भी सकारात्मक
शिरसाट ने कहा कि सरकार खुल्ताबाद में एक स्मारक बनाने को लेकर भी सकारात्मक है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे संभाजी महाराज के इतिहास का प्रतीक बनेगा।


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