आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ता की ओर से 44 सील भवनों की अनुपालन आख्या भी दाखिल की गई। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सरकारी वकील नवीन पाहवा ने पक्ष रखा।
इस दौरान अदालत ने मेडा और संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन कनेक्ट करने को कहा। प्रमुख सचिव गुरु प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, लेकिन नेटवर्क खराब होने के कारण कोर्ट में मौजूद मेडा सचिव अर्पित गुप्ता से सीधे हिंदी में बातचीत की गई। खंडपीठ ने पूछा कि यह कब से चल रहा है। जवाब मिला करीब पांच साल से। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि इन पांच वर्षों में आपने क्या कार्रवाई की? कोर्ट ने कहा कि उल्देपुर का मामला हमारे संज्ञान में आया लेकिन आपकी सूची में तो यह था ही नहीं।






