ईरान में सत्ताविरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सर्वोच्च नेता खामेनेई की हुकूमत ने दमनकारी नीतियां अपनाई हैं। नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) एनजीओ के हवाले से एएफपी ने बताया कि ईरान में प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई के दौरान कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 10,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आईएचआर ने कहा कि मृतकों की संख्या में यह उछाल ईरानी स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालयों से मिली नई जानकारी के सामने आने के बाद हुआ है। एएफपी ने आईएचआर के हवाले से बताया कि लगभग 3,379 मौतें 8 से 12 जनवरी तक चले विरोध प्रदर्शनों के चरम के दौरान हुईं।
ईरान पर हुआ हमला तो क्या जवाबी हमले में साथ देगा हिज्बुल्लाह?
सूत्रों के मुताबिक, हिज्बुल्लाह ने ईरान पर संभावित हमले की प्रतिक्रिया को लेकर कोई गारंटी नहीं दी है। रॉयटर्स ने बुधवार को लेबनान के एक सूत्र के हवाले से बताया कि राजनयिकों ने लेबनानी सशस्त्र समूह हिज्बुल्लाह से इस बात की गारंटी मांगी है कि अगर अमेरिका या इस्राइल ईरान पर हमला करते हैं तो वे सैन्य कार्रवाई करेंगे। यह सूत्र समूह की सोच से परिचित है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान समर्थित समूह से पिछले सप्ताह राजनयिक चैनलों के जरिए संपर्क किया गया था। सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि समूह ने स्पष्ट गारंटी तो नहीं दी, लेकिन अगर ईरान पर हमला ईरान के नेतृत्व के लिए ‘अस्तित्वगत’ नहीं है, तो उसकी कार्रवाई करने की कोई योजना नहीं है।
ईरान का एलान- निर्णायक जवाब देने को तैयार
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख ने कहा कि वे अमेरिका और इस्राइल को ‘निर्णायक’ जवाब देने के लिए तैयार हैं। एएफपी समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि देश अमेरिका और इस्राइल को ‘निर्णायक’ जवाब देने के लिए तैयार है।
यह प्रतिक्रिया रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर माजिद मूसावी के उस बयान के कुछ घंटों बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ‘पूरी तरह से तैयार’ हैं। रॉयटर्स के अनुसार, मूसावी ने कहा कि पिछले साल इस्राइल के साथ 12 दिनों के युद्ध के बाद से ईरान के मिसाइल भंडार में वृद्धि हुई है और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई कर दी गई है।







