मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जरांगे ने पांच दिन के अनशन के बाद जीत का एलान किया और कहा कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं। जरांगे ने सरकार को दो महीने का समय दिया है कि मराठा और कुनबी को एक ही समुदाय मानते हुए जीआर जारी करे। जरांगे ने बताया कि सरकार ने आंदोलन में जान गंवाने वाले परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का वादा भी किया है।
जीत के नारों से गूंजा आजाद मैदान
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल ने सरकार की ओर से ज्यादातर मांगें मान लेने के बाद विजय की घोषणा की। जैसे ही उन्होंने समर्थकों से कहा कि हम जीत गए दोस्तों हजारों की भीड़ खुशी से झूम उठी। कैबिनेट उपसमिति के प्रमुख मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने जरांगे से मुलाकात कर ड्राफ्ट सौंपा। समिति ने हैदराबाद गजट लागू करने और जिन मराठाओं के पास कुनबी का रिकॉर्ड है, उन्हें जांच के बाद प्रमाणपत्र देने पर सहमति जताई। इसके तुरंत बाद जीआर जारी करने का आश्वासन दिया गया।
मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म, जरांगे बोले- हम जीत गए
आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एलान किया कि राज्य सरकार अब राजपत्र के जरिए मराठाओं को कुनबी मान्यता देने पर सहमत हो गई है। सरकार इस फैसले पर जीआर (सरकारी आदेश) जारी कर दिया है। जरांगे ने कहा कि हम जीत गए। इसके बाद उन्होंने मुंबई छोड़ने का फैसला लिया।
मराठा समाज के लिए हमारी सरकार ने किया ऐतिहासिक काम, बावनकुले का दावा
पुणे में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महायुति सरकार ने मराठा समाज को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र निर्माण से अब तक आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण के आधार पर जितना काम होना चाहिए था, उतना हमारी सरकार ने किया है। बावनकुले ने दावा किया कि पिछली किसी भी सरकार ने मराठा समाज के लिए इतना ठोस काम नहीं किया जितना मौजूदा सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से किया है।
छह मांगें मानीं, हैदराबाद गजट पर सरकार से जीआर का भरोसा- जरांंगे
मराठा आरक्षण आंदोलन को बड़ी सफलता मिली। मंत्री राधाकृष्ण वीके पाटिल की अगुवाई में बने मंत्रियों के पैनल ने मनोज जरांगे पाटिल को भरोसा दिलाया कि हैदराबाद गजट लागू करने के लिए सरकार जीआर जारी करेगी। जरांगे ने ड्राफ्ट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और कहा कि विशेषतज्ञों ने भी इस पर मंजूरी दे दी है। सरकार ने बताया कि हैदराबाद गजट तुरंत लागू होगा, जबकि सतारा, बॉम्बे और औंध गजट में कम से कम एक माह का समय लगेगा। आठ में से छह मांगें मान ली गई हैं।
जरांगे ने दी सरकार को दो महीने की मोहलत, वादों पर टिकी उम्मीदें
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को दो महीने का समय दिया है कि वह जीआर जारी कर स्पष्ट करे कि मराठा और कुनबी एक ही समुदाय हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने वादा किया है कि मराठा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को एक सप्ताह में मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केस भी वापस लिए जाएंगे। जरांगे ने कहा कि अब सरकार पर वादों को निभाने की जिम्मेदारी है।









