Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री मोदी ने आपातकाल को किया याद, ‘मन की बात’ में बोले – ‘लोकतंत्र को किया गया था कुचलने का प्रयास’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम के माध्मय से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने आपातकाल पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा, आपातकाल के दौरान भारत के लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया था। देश की अदालतें, हर संवैधानिक संस्था, प्रेस, सब पर नियंत्रण लगा दिया गया था। सेंसरशिप की ये हालत थी कि बिना स्वीकृति कुछ भी छापा तक नहीं जा सकता था। इसके बावजूद भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से ही आपातकाल को हटाकर वापस लोकतंत्र की स्थापना की। तानाशाही की मानसिकता को, तानाशाही की वृति-प्रवृत्ति को लोकतांत्रिक तरीके से पराजित करने का ऐसा उदाहरण पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है।

प्रधानमंत्री ने कहा, इमरजेंसी के दौरान लोगों के संघर्षों का गवाह रहने का सौभाग्य मुझे भी मिला। आज जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो हमें आपातकाल के भयानक दौर को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, लोगों के जीवन का अधिकार छीना गया था। इसके बावजूद लोगों ने लोकतंत्र में विश्वास को नहीं खोया।

देश का युवा छू रहा आकाश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज हमारा भारत जब इतने सारे क्षेत्रों में सफलता का आकाश छू रहा है, तो आकाश या अन्तरिक्ष, इससे अछूता कैसे रह सकता है। बीते कुछ समय में हमारे देश में स्पेस सेक्टर से जुड़े कई बड़े काम हुए हैं। देश की इन्हीं उपलब्धियों में से एक है In-Space नाम की एजेंसी का निर्माण। उन्होंने कहा, आज से कुछ साल पहले हमारे देश में स्पेस सेक्टर में स्टार्ट अप के बारे में कोई सोचता तक नहीं था। आज इनकी संख्या 100 से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा, देश का युवा आकाश छूने को तैयार है तो हमारा देश कैसे पीछे रह सकता है।

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जल स्त्रोतों पर करें कोई न कोई आयोजन
पीएम मोदी ने कहा, हमारे देश में मानसून का लगातार विस्तार हो रहा है। अनेक राज्यों में बारिश बढ़ रही है। यह समय जल संरक्षण का भी है। समाज सदियों से यह जिम्मेदारी उठाता रहा है। जल संरक्षण जीवन संरक्षण है। आजकल कई नदी महोत्सव होने लगे हैं। आपके यहां जो भी जल स्त्रोत हैं, वहां कुछ न कुछ आयोजन जरूर करें।


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