PM मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए रविवार (31 अगस्त) को लोगों से बात की। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया। उन्होंने बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से काफी तबाही हुई है। हर पीड़ित का दर्द, हम सभी का दर्द है। हर कोई पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव मदद कर रहा है।
जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए, उनका दर्द हम सबका दर्द
उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार! मानसून के इस मौसम में प्राकृतिक आपदाएं देश की कसौटी कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हमने बाढ़ और भू-स्खलन का बड़ा कहर देखा है। कहीं घर उजड़ गए, कहीं खेत डूब गए, परिवार के परिवार उजड़ गए, पानी के तेज बहाव में कहीं पुल बह गए, सड़कें बह गईं, लोगों का जीवन संकट में फंस गया। इन घटनाओं ने हर हिंदुस्तानी को दुखी किया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए, उनका दर्द हम सबका दर्द है। जहां भी संकट आया, वहां के लोगों को बचाने के लिए हमारे एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के जवान, अन्य सुरक्षा बल हर कोई दिन-रात जुटे रहे। जवानों ने तकनीक का सहारा भी लिया है। थर्मल कैमरे, लाइव डिटेक्टर, खोजी कुत्ते और ड्रोन से निगरानी, ऐसे अनेक आधुनिक संसाधनों के सहारे राहत कार्य में तेजी लाने की भरपूर कोशिश की गई।
उन्होंने आगे कहा, ‘हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई, घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। आपदा की घड़ी में सेना मददगार बनकर सामने आई। स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, प्रशासन, संकट की इस घड़ी में सभी ने हर संभव प्रयास किया। मैं ऐसे हर नागरिक को हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस कठिन समय में मानवीयता को सबसे ऊपर रखा हुआ है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘बाढ़ और बारिश की इस तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बहुत खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इन पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं गया, लेकिन जब आप उन उपलब्धियों के बारे में जानेंगे तो आपको बहुत खुशी होगी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। यहां पुलवामा का पहला डे-नाइट क्रिकेट मैच खेला गया। पहले ये होना असंभव था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है। ये मैच ‘रॉयल प्रीमियर लीग’ का हिस्सा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग टीमें खेल रही हैं। इतने सारे लोग, खासकर युवा, पुलवामा में रात के समय, हजारों की तादाद में क्रिकेट का आनंद लेते हुए ये नजारा वाकई देखने लायक था।’









