साल 2025 का दूसरा और भारत में साल का पहला चंद्र ग्रहण 7-8 सितंबर की रात को लगने जा रहा है, जो भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को घटित होगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा और सबसे खास बात यह है कि इसे भारत के अधिकांश हिस्सों में साफ़ तौर पर देखा जा सकेगा। यह ग्रहण न केवल खगोलीय दृष्टि से विशेष है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बार का चंद्र ग्रहण समय की दृष्टि से भी काफी लंबा होगा और इसे हाल के वर्षों में घटित होने वाली सबसे प्रभावशाली खगोलीय घटनाओं में से एक माना जा रहा है। क्योंकि यह भारत में दृश्यमान होगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा, जिसका पालन विशेष रूप से पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यों, और दैनिक जीवन में किया जाता है।
ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार यह ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा, जो इसे और भी अधिक असरदार बनाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि यह चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा, सूतक काल की समय-सीमा क्या होगी, और यह सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा।
पूर्ण चंद्र ग्रहण का समय
सूतक काल का समय
शहर अनुसार चंद्र ग्रहण का समय
| शहर के नाम | चंद्र ग्रहण का समय |
| नई दिल्ली | रात्रि 9:58 से मध्य रात्रि 01:26 तक |
| नोएडा | रात्रि 9:58 से मध्य रात्रि 01:26 तक |
| मुंबई | रात्रि 9:58 से मध्य रात्रि 01:26 तक |
| बेंगलुरु | रात्रि 9:58 से मध्य रात्रि 01:26 तक |
| अहमदाबाद | रात्रि 9:58 से मध्य रात्रि 01:26 तक |
सूतक काल में क्या करें?
- भगवान के नाम का जाप करें, जैसे “ॐ नमः शिवाय”, “ॐ गं गणपतये नमः”
- संतान रक्षा मंत्र या विशेष शांति मंत्रों का उच्चारण करें
- धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें, जैसे गीता, रामचरितमानस या दुर्गा चालीसा
- ध्यान, मौन और योग करें
- नकारात्मक विचारों से दूरी बनाकर सकारात्मक चिंतन करें
सूतक काल में क्या न करें
- इस पूरे समय सोना, स्नान, पूजा-पाठ, दान वर्जित माना गया है।
- मंदिर बंद रहते हैं और किसी भी शुभ कार्य को न करें।
- गर्भवती महिलाओं को तेज़ हथियारों से बचना चाहिए जैसे चाकू या कैंची।
- हालांकि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति इन नियमों से छूट प्राप्त कर सकते हैं।
सूतक काल कब शुरू होगा?








