भाजपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसके बाद उनकी आवाज संसद से पूरे देश में सुनी जाएगी। अब तक वे बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और पटना की बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित बजट सत्र में भी उन्होंने हिस्सा लिया था। वे बिहार की नीतीश कुमार सरकार में मंत्री भी थे, लेकिन पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के एक दिन बाद ही उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसे उनका पार्टी में कद बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। नितिन नवीन के अलावा शिवेश कुमार को भी बिहार से राज्यसभा भेजने का निर्णय किया गया है। पार्टी में सीटों का जो गणित है, उसके अनुसार इन नेताओं का चुना जाना तय है।
भाजपा ने पहली सूची की जारी
भाजपा ने आज मंगलवार को राज्यसभा की नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसमें बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल से पार्टी के दिग्गज नेता राजीव सिन्हा को राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया गया है। वे इस समय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के सबसे बड़े चेहरों के तौर पर मैदान में हैं और जमकर पार्टी का प्रचार कर रहे हैं।
असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को और छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया गया है। हरियाणा से संजय भाटिया को मैदान में उतारा गया है। ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को राज्यसभा भेजने की तैयारी है।
भाजपा ने जिस समय नितिन नवीन का नाम पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर आगे बढ़ाया था, लोग चौंक से गए थे। तब तक उनकी पहचान बिहार के एक क्षेत्र तक सीमित थी। लेकिन नितिन नवीन लगातार अपना कद बढ़ा रहे हैं। भाजपा के दिग्गज नेताओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह के बीच वे धीरे-धीरे अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाने में सफल होते दिखाई दे रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के कूचा बिहार से उन्होंने पार्टी का प्रचार अभियान शुरू किया था। इसमें वे काफी आक्रामकता के साथ ममता बनर्जी सरकार पर हमला करते हुए दिखाई पड़े थे। उन्होंने जिस तरह बेहद आक्रामक शैली में ममता सरकार पर हमला बोला था, और जिस तरह उनके बयान सुर्खियां बन रहे हैं, यह बताता है कि वे बहुत तेजी से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी स्वीकृति बढ़ा रहे हैं।






