नैनीताल- पत्नी के हत्यारे को 2014 में सुनाई गई उम्रकैद की सजा बरकरार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपनी पत्नी की नृशंस हत्या के आरोपी महेश राम की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने सत्र न्यायालय, रुद्रपुर की ओर से वर्ष 2014 में सुनाए गए आजीवन कारावास के फैसले को सही ठहराया है।

मामले के अनुसार महेश राम पर आरोप था कि वह अपनी पत्नी (मृतका) को शादी के बाद से ही प्रताड़ित करता था। घटना से 3-4 दिन पहले उसने अपनी पत्नी के पेट, हाथ और पैर जला दिए थे, जिसके बाद वह अपने मायके चली गई थी। 10 जुलाई 2011 को महेश अपने ससुराल गया और माफी मांगते हुए उस रात वहां रुका। अगली सुबह 11 जुलाई 2011 को प्रातः जब मृतका गन्ने के खेत में गई, तो महेश ने उसका पीछा किया। कुछ ही देर बाद मृतका की चीखें सुनकर जब उसके भाई पवन राम, मां चंदा देवी और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने महेश को खेत से भागते हुए देखा। खेत में मृतका का शव लहूलुहान हालत में मिला, उसका गला रेता गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद नहीं हुआ है।

कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए माना कि मृतका के भाई और मां ने आरोपी को घटनास्थल से भागते हुए देखा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर जलने के पुराने निशान पाए गए, जो प्रताड़ना की पुष्टि करते हैं, घटना के बाद आरोपी लंबे समय तक फरार रहा और उसे एक साल बाद नवंबर 2012 में गिरफ्तार किया जा सका। कोर्ट ने इसे उसके दोषी होने का आचरण माना। कोर्ट ने माना कि निचली अदालत की ओर से दी गई आजीवन कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सही है।

और पढ़े  उत्तराखंड: बिल्डर्स फर्म पर GST का छापा, खरीद पर नकद भुगतान नहीं किया, भरा 3.25 करोड़ का टैक्स
  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…