प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात पूनम की तबीयत बिगड़ने की बात कहकर उसके पति और ससुर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में पीएचसी पिलखी की प्रभारी डॉ. उषा भट्ट द्वारा रात करीब 12 बजे पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। साथ ही परिजनों को हिरासत में ले लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूनम के मायके पक्ष में कोहराम मच गया। देर रात ही परिजन अस्पताल पहुंचे और पिलखी में हंगामा किया। रविवार सुबह बेलेश्वर अस्पताल में भी परिजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मृतका के पिता शिव सिंह बिष्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि पूनम 21 अप्रैल को मायके आई थी और 25 अप्रैल को ससुराल गई थी, लेकिन उसी रात उन्हें फोन कर केवल तबीयत खराब होने की बात कही गई, जबकि बेटी की पहले ही मौत हो चुकी थी।
मृतका के अन्य परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। धनपाल सिंह ने कहा कि पूनम को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था और उसकी हत्या की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शव को एम्बुलेंस के बजाय कार की डिग्गी में लाया गया, जो पूरे मामले को और संदिग्ध बनाता है। परिजनों ने शव पर चोट के निशान होने का भी दावा किया है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की मांग की है।